क्या पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘विरोध स्वरूप’ दिया इस्तीफा? जानें वायरल वीडियो का पूरा सच

Fake News. सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय सेना (Indian Army) को लेकर एक बेहद संवेदनशील और भ्रामक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर प्रसारित किए जा रहे एक वीडियो में यह दावा किया गया है कि पूर्व थल सेनाध्यक्ष (Army Chief) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सरकार या किसी नीति के विरोध स्वरूप अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और सेना की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंप दी है।

यह वीडियो खास तौर पर कुछ संदिग्ध और सीमा पार (पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा) सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा हवा देने के बाद जंगल में आग की तरह फैल गया। लेकिन जब इसकी सरकारी स्तर पर जांच की गई, तो सच कुछ और ही निकला।

क्या है वायरल वीडियो का सच? (PIB Fact Check)

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस वायरल वीडियो की गहन जांच की। पीआईबी ने अपनी जांच के बाद इस दावे को पूरी तरह से फर्जी (Fake) और मनगढ़ंत करार दिया है।

सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार:

“सोशल मीडिया पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के इस्तीफे को लेकर जो वीडियो चलाया जा रहा है, वह पूरी तरह से AI-जनरेटेड डीपफेक (Deepfake) है। जनरल द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही उन्होंने किसी विरोध स्वरूप इस्तीफा दिया है।”

नियमित सैन्य प्रक्रिया को दिया गया ‘साजिश’ का रूप

रक्षा मंत्रालय और सेना के आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी का पद से मुक्त होना किसी भी तरह का अचानक लिया गया निर्णय या इस्तीफा नहीं था। यह भारतीय सेना की एक बेहद सामान्य, तयशुदा और नियमित सेवानिवृत्ति (Retirement) प्रक्रिया थी। वे अपना निर्धारित कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए हैं।

देश को गुमराह करने के लिए डीपफेक (AI) तकनीक का सहारा

जांच में सामने आया है कि इस वीडियो को बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक एडिटिंग टूल्स का सहारा लिया गया है। जनरल द्विवेदी के पुराने बयानों और दृश्यों को इस तरह से ‘मॉक’ और डब किया गया ताकि देखने वाले को लगे कि वे खुद इस्तीफे की बात कह रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के डीपफेक वीडियो का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिकों में भ्रम पैदा करना और सेना की छवि को धूमिल करना है।

farzikhabar.com की अपील: सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना या देश के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी ऐसी किसी भी संवेदनशील खबर को बिना आधिकारिक पुष्टि के आगे शेयर (Forward) न करें। ऐसे वीडियो देश में अस्थिरता और अफवाह फैलाने के लिए जानबूझकर तैयार किए जाते हैं।

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