कलयुगी बेटी! जयपुर में सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी के लिए मां का मर्डर, 7 लाख की सुपारी देकर गाड़ी से कुचलवाया

Jaipur Daughter Kills Mother Case.  राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रताप नगर इलाके से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। यहाँ एक 23 साल की बेटी ने अपनी ही 45 वर्षीय मां की हत्या की ऐसी साजिश रची, जिसे देखकर पुलिस भी सन्न रह गई। शुरुआत में जिस मामले को एक सामान्य ‘हिट एंड रन’ (सड़क हादसा) माना जा रहा था, पुलिस की कड़ाई से हुई जांच में वह एक सोची-समझी क्रूर हत्या निकली।

बेटी ने सरकारी नौकरी और करोड़ों की जायदाद हासिल करने के लिए अपने ही ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर मां की हत्या की 7 लाख रुपये की सुपारी दी थी।

क्या है पूरा मामला? हत्या की वजह

यह पूरी घटना प्रताप नगर के रविन्द्र नगर की है। मृतका की पहचान नीरज शर्मा (45) के रूप में हुई है, जो कोर्ट में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत थीं।

  • नौकरी का विवाद: दरअसल, नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा भी कोर्ट में एलडीसी थे, जिनका करीब एक साल पहले निधन हो गया था। उनके निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर (Compassionate Grounds) नीरज शर्मा को करीब 8 महीने पहले यह सरकारी नौकरी मिली थी।
  • बेटी का लालच: नीरज की बेटी आयुषी शर्मा (23) यह नौकरी खुद पाना चाहती थी। उसने अपनी मां से नौकरी न करने और पद उसे सौंपने के लिए दबाव बनाया था, लेकिन मां ने पद संभाल लिया। इसी बात को लेकर आयुषी अपनी मां से नफरत करने लगी और उसने मां को रास्ते से हटाने का मन बना लिया ताकि अनुकंपा के नियम के तहत मां की मौत के बाद नौकरी और घर की पूरी प्रॉपर्टी उसे मिल सके।

3 महीने की साजिश और वारदात का खौफनाक मंजर

पुलिस जांच के अनुसार, आयुषी ने इस हत्या के लिए अपने ताऊ मोहन स्वरूप (56) और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ हाथ मिलाया। तीनों ने मिलकर भरतपुर के रहने वाले हेमंत शर्मा नाम के बदमाश को 7 लाख रुपये में नीरज शर्मा की हत्या की सुपारी दी।

  • पहली नाकाम कोशिश: आरोपियों ने पहले एक ‘थार’ गाड़ी किराए पर ली और कई दिनों तक नीरज की रेकी की, लेकिन वे एक्सीडेंट करने में नाकाम रहे।
  • 3 जुलाई का खौफनाक दिन: इसके बाद आरोपियों ने एक स्कॉर्पियो (Scorpio SUV) का इंतजाम किया। 3 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:45 बजे नीरज शर्मा अपने 16 वर्षीय दिव्यांग (स्पेशल चाइल्ड) बेटे को कोचिंग छोड़कर पैदल घर लौट रही थीं।
  • 130 KM की रफ्तार से टक्कर: रास्ते में घात लगाए बैठे शूटरों ने लगभग 130 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रही स्कॉर्पियो से नीरज शर्मा को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज हवा में 100 फीट दूर जाकर गिरीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर स्कॉर्पियो सवार फरार हो गए।

पुलिस ने कैसे पकड़ा?

शुरुआत में पुलिस इसे एक तेज रफ्तार गाड़ी का हिट एंड रन केस मानकर चल रही थी, लेकिन केस में मोड़ तब आया जब मृतका के भाई (मामा) राकेश कुमार शर्मा ने पुलिस में हत्या का अंदेशा जताते हुए FIR दर्ज कराई। राकेश ने बताया कि उसकी बहन नीरज को उसकी बेटी आयुषी, जेठ और सास पिछले काफी समय से प्रॉपर्टी और नौकरी को लेकर प्रताड़ित कर रहे थे और जान से मारने की धमकियां दे रहे थे।

शिकायत मिलते ही डीसीपी ईस्ट (DCP East) रंजीता शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने तफ्तीश शुरू की:

  1. CCTV फुटेज: घटना स्थल और आसपास के सीसीटीवी खंगाले गए। फुटेज में साफ दिखा कि सड़क किनारे चल रही महिला को चालक ने जानबूझकर गाड़ी मोड़कर और रफ्तार बढ़ाकर निशाना बनाया था।
  2. लोकेशन ट्रैकिंग: पुलिस ने घटना के वक्त आसपास एक्टिव मोबाइल नंबर्स और संदिग्धों के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले। इससे पता चला कि मोहित शर्मा नाम का एक आरोपी बाइक पर लगातार नीरज की लाइव लोकेशन अपराधियों को शेयर कर रहा था।
  3. गिरफ्तारी और कबूलनामा: पुलिस ने सबसे पहले गाड़ी चलाने वाले और रेकी करने वाले शूटरों को दबोचा। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी साजिश उगल दी और बताया कि इस खेल की मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतका की अपनी बेटी आयुषी है।

कौन-कौन शामिल थे?

पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:

  • आयुषी शर्मा (बेटी और मुख्य साजिशकर्ता)
  • मोहन स्वरूप (ताऊ)
  • हेमंत शर्मा (सुपारी लेने वाला मुख्य शूटर)
  • आकाश शर्मा (हादसे के वक्त स्कॉर्पियो चलाने वाला ड्राइवर)
  • मोहित शर्मा (लाइव लोकेशन देने वाला)
  • अरविंद शर्मा और रोहित जाटव (साजिश में मददगार)

इस पूरी घटना का सह-साजिशकर्ता और आयुषी का चचेरा भाई बलराम उर्फ रवि फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। रिश्तों के कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे जयपुर को हिलाकर रख दिया है।

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