छत्तीसगढ़ कोरिया में खूनी खेल की पूरी कहानी, पुश्तैनी रंजिश…रसूख…हनक…और अवैध रेत के कारोबार का क्या है संबंध
Koria Murder Case. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां सोनहत तहसील क्षेत्र के ग्राम कटगोड़ी में रेत खनन के अवैध कारोबार और पुरानी रंजिश के चलते भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक स्थानीय नेता को उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी के भीतर जिंदा जलाकर मार डाला गया। इस भीषण हमले में गाड़ी में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक और आरोपी पक्ष
इस खौफनाक वारदात में जान गंवाने वाले मृतक की पहचान स्थानीय भाजपा नेता और व्यवसायी भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह के रूप में हुई है। वह वर्तमान में बैकुंठपुर में रहते थे और कटगोड़ी इलाके में रेत खनन व पत्थर क्रशर का कारोबार करते थे। वहीं, आरोपी पक्ष की पहचान मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी और उनके साथियों के रूप में हुई है। दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी भी भाजपा से ही जुड़े बताए जा रहे हैं। दोनों ही परिवार मूल रूप से कटगोड़ी से सटे नवगई गांव के निवासी हैं।
कब से और किस बात को लेकर था विवाद?
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, भरत सिंह गहरवार और मनोज त्रिपाठी के बीच कटगोड़ी क्षेत्र में रेत खनन (Sand Mining) के वर्चस्व और कारोबार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह रंजिश मंगलवार को बेहद हिंसक रूप ले बैठी। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर को भी दोनों पक्षों के बीच क्रशर और रेत परिवहन को लेकर तीखी झड़प हुई थी, जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई थी। इसके बाद त्रिपाठी परिवार की सूचना पर केस भी दर्ज कर लिया गया था।
साजिश के तहत घेरकर मारी टक्कर, फिर फूंक दी गाड़ी
वारदात मंगलवार रात करीब 11 बजे की है। पुलिस सूत्राें के अनुसार भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार अपने तीन साथियों के साथ फॉर्च्यूनर व अन्य गाड़ियों के साथ कटगोड़ी त्रिपाठी परिवार के पास पहुंचे। हालांकि इसकी सूचना त्रिपाठी परिवार को लग गई थी कि भरत सिंह गहरवार अपने साथियों के साथ आ रहा है। इस पर पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने हमला कर दिया। एक भारी टिपर वाहन (डंपर) से उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को कई बार जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके दरवाजे पूरी तरह जाम हो गए।
जब गाड़ी के अंदर फंसे लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। दरवाजे लॉक होने और आग की लपटें तेज होने के कारण भरत सिंह गहरवार को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वह गाड़ी के भीतर ही जिंदा जल गए। जबकि उनके साथ आए वीरेन्द्र सिंह, नागेन्द्र सिंह और मयंक सिंह किसी तरह बाहर निकल सके।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की भनक लगते ही सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी सहित चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आग पेट्रोल छिड़कने से लगी या बिजली के खंभे से टकराने के कारण। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बता दें कि दोनों ही पक्ष मूल रूप से नवगई गांव के रहने वाले हैं और कटगोड़ी के पास ही यह गांव स्थित है।
