Fact Check: क्या संसद सत्र से पहले ही लीक हो गया बजट 2026-27? सोशल मीडिया पर वायरल PDF फाइलों का सच
Fake News. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देश के आगामी केंद्रीय बजट (Union Budget 2026-27) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर दावा किया जा रहा है। व्हाट्सएप, टेलीग्राम और एक्स (ट्विटर) के कई ग्रुप्स में कुछ पीडीएफ (PDF) फाइलें और स्क्रीनशॉट तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों को शेयर करने वाले यूजर्स का दावा है कि सरकार का आगामी बजट सत्र से पहले ही लीक हो गया है और इसमें टैक्स स्लैब से लेकर विभिन्न योजनाओं के आवंटन की गोपनीय जानकारी बाहर आ गई है।
चूंकि बजट एक बेहद गोपनीय दस्तावेज होता है, इसलिए इस खबर ने वित्तीय बाजारों और आम नागरिकों के बीच हड़कंप मचा दिया। लेकिन जब इस दावे की असलियत जांची गई, तो यह पूरी तरह खोखला और फर्जी निकला।
क्या है बजट लीक होने के दावे का सच?
इस वायरल दावे की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) और सरकारी आधिकारिक स्रोतों से जानकारी ली गई। जांच में स्पष्ट हुआ है कि सोशल मीडिया पर घूम रहे यह दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी (Fake) हैं। सरकार की ओर से ऐसा कोई भी दस्तावेज जारी नहीं हुआ है और न ही बजट से जुड़ी कोई जानकारी लीक हुई है।
जांच में सामने आई मुख्य बातें:
- एडिटिंग टूल्स का खेल: वायरल हो रही पीडीएफ फाइलों और तस्वीरों को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि इनमें पुराने बजट (जैसे बजट 2024 या 2025) के आंकड़ों और प्रारूप का इस्तेमाल किया गया है। एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए केवल साल बदलकर इसे ‘बजट 2026-27’ का रूप दे दिया गया है।
- भ्रम फैलाने की कोशिश: कुछ असामाजिक तत्वों और क्लिकबेट वेबसाइट्स द्वारा केवल व्यूज बटोरने, रीच बढ़ाने और आम जनता के बीच बेवजह का भ्रम पैदा करने के लिए इस फर्जी डेटा को तैयार कर वायरल किया गया है।
बजट की गोपनीयता: कैसे तैयार होता है देश का बजट?
आपको बता दें कि भारत में केंद्रीय बजट बनाने की प्रक्रिया बेहद गुप्त और सुरक्षित होती है। बजट पेश होने से कुछ दिन पहले वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित नॉर्थ ब्लॉक की प्रिंटिंग प्रेस में ‘हलवा सेरेमनी’ होती है, जिसके बाद बजट निर्माण से जुड़े तमाम अधिकारी और कर्मचारी बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं। उन्हें मोबाइल फोन इस्तेमाल करने या अपने परिवार से भी बात करने की अनुमति नहीं होती है। संसद में वित्त मंत्री के भाषण शुरू होने तक यह गोपनीयता बरकरार रहती है। ऐसे में सत्र से पहले बजट लीक होना व्यावहारिक रूप से असंभव है।
farzikhabar.com की अपील: बजट जैसे संवेदनशील विषय पर सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी अनौपचारिक पीडीएफ फाइल या मैसेज पर भरोसा न करें। हमेशा आधिकारिक सरकारी घोषणाओं और प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों द्वारा दी गई जानकारी को ही सही मानें।

