सावधान! आधार कार्ड से ‘फ्री AC’ बांटने का PM मोदी का वीडियो निकला महा-फर्जी, सरकार ने जारी की चेतावनी

Free AC Scheme Aadhaar Card Fake Video. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस वायरल वीडियो के मुताबिक, अब देश के हर नागरिक को उसके ‘आधार कार्ड’ के जरिए पूरी तरह से मुफ्त एयर कंडीशनर (Free AC) दिया जाएगा।

यदि आपके पास भी ऐसा कोई वीडियो या मैसेज आया है, तो सावधान हो जाएं। भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक इकाई PIB Fact Check (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) ने इस दावे की पूरी पड़ताल कर इसे पूरी तरह से फर्जी, भ्रामक और एआई-जनित (AI-Generated Deepfake) करार दिया है। केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री द्वारा ऐसी किसी भी योजना की कोई घोषणा नहीं की गई है।

कब और किस सोशल मीडिया हैंडल से वायरल हुआ वीडियो?

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर की गई पड़ताल और पीआईबी की मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार, यह फर्जी वीडियो मुख्य रूप से जून 2024 के अंतिम सप्ताह में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होना शुरू हुआ।

  • भ्रामक सोशल मीडिया हैंडल्स: जांच में सामने आया है कि “Yojana Tak” (योजना तक) और “Top Idea 96” जैसे फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम हैंडल्स और यूट्यूब प्रोफाइल्स के जरिए इस तरह के लुभावने और फर्जी वीडियो को सबसे पहले शेयर और प्रमोट किया गया।

  • फर्जी कंटेंट का तरीका: इन पेजेस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने भाषणों के वीडियो क्लिप्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वॉयस क्लोनिंग टूल्स की मदद से पीएम मोदी की आवाज में ‘फ्री एसी’ या ‘फ्री गैजेट्स’ जैसी फर्जी घोषणाओं का ऑडियो ऊपर से जोड़ (Lip-sync/Manipulate) दिया जाता है।

पीआईबी फैक्ट चेक की चेतावनी: न आएं झांसे में

PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X – पूर्व में ट्विटर) पर इस वीडियो को फ्लैग करते हुए लिखा:

“यह एक #AI-जनित #फर्जी वीडियो है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। कृपया लुभावने और आकर्षक कंटेंट के झांसे में न आएं और ऐसे किसी भी संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें।”

क्यों बनाए जा रहे हैं ऐसे फर्जी वीडियो?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रकार के फर्जी वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर वायरल करने के पीछे दो बड़े मुख्य कारण हैं:

  1. व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाना: ‘मुफ्त योजना’ के नाम पर आम जनता तुरंत ऐसे वीडियो पर क्लिक करती है, जिससे इन फर्जी पेजेस को लाखों व्यूज और सोशल मीडिया पर भारी रीच मिलती है।

  2. साइबर ठगी और फिशिंग (Phishing): ऐसे कई वीडियो के नीचे या डिस्क्रिप्शन बॉक्स में बाहरी संदिग्ध वेबसाइट्स के लिंक दिए होते हैं। मुफ्त एसी या अन्य लाभ पाने के चक्कर में जैसे ही लोग उन लिंक्स पर क्लिक कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी (जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल या ओटीपी) दर्ज करते हैं, वे साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।

आधार कार्ड पर मुफ्त एसी मिलने का दावा 100% झूठा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार की किसी भी जनकल्याणकारी योजना की सत्यता जांचने के लिए केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट्स (india.gov.in या myscheme.gov.in) पर ही भरोसा करें।

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