छत्तीसगढ़ सुशासन तिहार 2026: अब घर द्वार पर होगा समस्याओं का समाधान, जानें पूरी प्रक्रिया

Sushasan Tihar 2026. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम करने के लिए ‘सुशासन तिहार 2026’ की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है।

इन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान

सुशासन तिहार के दौरान प्रमुख रूप से निम्नलिखित मामलों का निपटारा किया जा रहा है:

  • राजस्व मामले: जमीन का नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और रिकॉर्ड सुधार।
  • प्रमाण पत्र: आय, जाति, निवास और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना।
  • योजनाओं का लाभ: उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन।
  • बुनियादी सुविधाएं: बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मर खराब होना, पेयजल और हैंडपंप मरम्मत की शिकायतें।
  • रोजगार: मनरेगा के तहत लंबित मजदूरी भुगतान का निपटारा।

समस्या निराकरण की पूरी प्रक्रिया

आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इन चरणों का पालन कर सकती है:

  1. शिविरों की जानकारी: ग्रामीण क्षेत्रों में 15–20 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर पर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय पंचायत या नगर निगम कार्यालय से अपने क्षेत्र के शिविर की तारीख जान लें।
  2. आवेदन जमा करना: नागरिक अपनी समस्या का लिखित आवेदन इन शिविरों में सीधे दे सकते हैं। यहाँ अधिकारी मौके पर ही मौजूद रहते हैं।
  3. ऑन-द-स्पॉट निराकरण: कई समस्याओं, जैसे राशन कार्ड या प्रमाण पत्र संबंधी मामलों में, पात्रता की जांच कर मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।
  4. समय सीमा: जिन मामलों का तुरंत समाधान संभव नहीं है, उन्हें दर्ज कर अधिकतम एक महीने के भीतर निराकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
  5. फीडबैक और निरीक्षण: मुख्यमंत्री स्वयं अचानक जिलों का दौरा कर रहे हैं और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर फीडबैक ले रहे हैं। मंत्री, सांसद और विधायक भी शिविरों का निरीक्षण कर रहे हैं।

सुशासन की नई पहल

प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल तक के सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम आदमी को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।