छत्तीसगढ़ में राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव: अब बिना e-KYC नहीं मिलेगा अनाज; जानें नए सिस्टम की पूरी डिटेल
Chhattisgarh New Ration Distribution System. छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी, हाईटेक और जनता के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से राशन वितरण की व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सरकार का मुख्य फोकस अब राशन वितरण को पूरी तरह से डिजिटल और त्रुटिहीन बनाना है, जिसके तहत अपात्रों को बाहर करने और वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक दिलाने की तैयारी की गई है।
राशन वितरण सिस्टम में क्या बदलाव किया गया है?
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य सरकार ने दो सबसे बड़े तकनीकी बदलावों को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है:
- अनिवार्य e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर): राशन कार्ड में दर्ज परिवार के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (e-KYC) करवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
- ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) का पूर्ण क्रियान्वयन: अब छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारी न केवल अपने तय कोटे की दुकान से, बल्कि राज्य या देश के किसी भी शासकीय उचित मूल्य की दुकान (FPS) से अपना फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन कराकर राशन ले सकेंगे।
बदलाव की वजह
इस बड़े सिस्टम अपग्रेड के पीछे सरकार के कई ठोस कारण हैं:
- फर्जी और डुप्लिकेट कार्डों पर रोक: लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई मृत व्यक्तियों या ऐसे लोगों के नाम भी राशन कार्ड में जुड़े हुए हैं जो अब उस पते पर नहीं रहते या छत्तीसगढ़ से बाहर जा चुके हैं।
- भ्रष्टाचार और कालाबाजारी का खात्मा: राशन डीलरों द्वारा की जाने वाली हेरफेर या राशन की कालाबाजारी को रोकने के लिए मैन्युअल एंट्री को पूरी तरह से समाप्त कर e-POS (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों को अनिवार्य किया जा रहा है।
- प्रवासी कामगारों को राहत: छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में दूसरे राज्यों या अन्य जिलों में पलायन करते हैं। पहले उनका राशन उनके गृह ग्राम में ही फंस जाता था, जिसे अब पोर्टेबिलिटी के माध्यम से सुधारा गया है।
नए सिस्टम में क्या होगा?
नए राशन वितरण सिस्टम के लागू होने से कोटेदार से लेकर आम उपभोक्ता तक पूरी प्रक्रिया बदल जाएगी:
- मशीन पर अंगूठा लगाना अनिवार्य: अब कोटेदार (राशन दुकान संचालक) किसी भी व्यक्ति को केवल रजिस्टर पर साइन करवाकर राशन नहीं दे पाएगा। e-POS मशीन पर लाभार्थी का बायोमेट्रिक मिलान होने के बाद ही मशीन से पर्ची निकलेगी और राशन अलॉट होगा।
- Mera Ration App का उपयोग: उपभोक्ता ‘मेरा राशन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने नजदीकी राशन दुकान की लोकेशन, अपने हिस्से के अनाज की उपलब्धता और अपने ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खुद देख सकेंगे।
- एसएमएस (SMS) अलर्ट सेवा: राशन दुकान पर जैसे ही अनाज का स्टॉक पहुंचेगा या जब उपभोक्ता अपना राशन उठाएगा, उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तुरंत एक पुष्टिकरण मैसेज भेजा जाएगा।
- राशन की पात्रता और दरें (पूर्ववत डिजिटल ट्रैकिंग के साथ): * अंत्योदय परिवार (पीला कार्ड): प्रति कार्ड 35 किलो चावल, नमक और बस्तर संभाग हेतु गुड़/चना।
- प्राथमिकता परिवार (लाल कार्ड): सदस्यों की संख्या के आधार पर (1 सदस्य पर 10 किलो, 2 पर 20 किलो और 3 से 5 सदस्य होने पर 35 किलो चावल)
सबसे जरूरी बात
यदि किसी परिवार के किसी सदस्य का e-KYC अधूरा रह जाता है, तो आगामी महीनों में उस विशेष सदस्य के हिस्से का खाद्यान्न ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसलिए खाद्य विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपने नजदीकी उचित मूल्य की दुकान पर जाकर तुरंत बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने की अपील की है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 भी जारी किया है।

