कर्नाटक में 7,000 छात्रों के HIV पॉजिटिव होने का दावा निकला फर्जी: जानिए क्या है वायरल खबर की पूरी सच्चाई
Karnataka HIV Fake News. हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर एक खबर तेजी से वायरल हुई जिसने पूरे देश में सनसनी फैला दी। दावा किया गया कि कर्नाटक में 18 से 25 साल के 7,000 से अधिक कॉलेज छात्र HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। लेकिन, अगर आप भी इस खबर को सच मानकर घबरा रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कर्नाटक सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है।
मामला क्या था और अफवाह कैसे फैली?
जुलाई 2026 के आखिरी हफ्ते में यह भ्रामक दावा फैलाया गया कि कर्नाटक के कॉलेजों में 7,000 छात्र HIV से संक्रमित हो गए हैं और सरकार ने सभी छात्रों के लिए HIV टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। इस खबर से माता-पिता और युवाओं के बीच भारी दहशत का माहौल बन गया था।
सरकार और KSAPS का स्पष्टीकरण (कौन प्रभावित है?)
कर्नाटक स्टेट एड्स प्रिवेंशन सोसाइटी (KSAPS) की प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने सामने आकर इन दावों का पूरी तरह खंडन किया है।
- डेटा का सच: मेडिकल विभाग कभी भी HIV मरीजों का डेटा इस आधार पर तैयार नहीं करता कि मरीज ‘छात्र’ है या किसी अन्य पेशे से जुड़ा है।
- वास्तविक आंकड़े: अधिकारियों के अनुसार, साल 2004 से लेकर अब तक (पिछले 22 सालों में), 18 से 35 साल के उम्र के कुल मिलाकर लगभग 39,000 लोग कर्नाटक में HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हैं, न कि सिर्फ छात्र।
- राज्य की स्थिति: कर्नाटक में फिलहाल करीब 2.6 लाख लोग HIV के साथ जी रहे हैं, जिनमें से 2.05 लाख लोग एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) ले रहे हैं।
- चेतावनी: KSAPS ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाकर समाज में डर का माहौल बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या हो रहा है?
सरकार जबरन किसी का टेस्ट नहीं करा रही है क्योंकि ‘HIV और एड्स अधिनियम, 2017’ के तहत मरीज की सहमति के बिना टेस्ट करना गैरकानूनी है। इसके बजाय, सरकार कॉलेजों और कंपनियों में केवल जागरूकता अभियान चला रही है।
मेडिकल विभाग ने युवाओं से अपील की है कि वे अपनी जांच के लिए ‘ब्रेक फ्री’ (Break Free) ऐप का इस्तेमाल करें, जिसमें सिर्फ 7 सवालों के जवाब देकर आप बिना अपनी पहचान बताए अपना रिस्क असेसमेंट कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि कर्नाटक में इलाज करा रहे 96% लोगों में यह वायरस पूरी तरह कंट्रोल हो चुका है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर हो गया है।
HIV से जुड़ी जागरूकता और बचाव की जानकारी
HIV/AIDS एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है। अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय सही मेडिकल तथ्यों को जानना जरूरी है।
HIV से जुड़े मिथक (ऐसे नहीं फैलता HIV):
- गले मिलने या हाथ मिलाने से।
- साथ खाना खाने या एक ही बर्तन इस्तेमाल करने से।
- मच्छर या अन्य कीड़ों के काटने से।
HIV कैसे फैलता है?
- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से।
- संक्रमित खून चढ़ाने से।
- संक्रमित सुई या सिरिंज (ड्रग्स या टैटू के दौरान) का इस्तेमाल करने से।
- संक्रमित मां से उसके होने वाले बच्चे को (गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान)।
बचाव के अहम तरीके
- सुरक्षित यौन संबंध: हमेशा सुरक्षित तरीके (कंडोम आदि) का इस्तेमाल करें। अजनबी लोगों के साथ असुरक्षित संबंधों से बचें।
- सावधानी: सुनिश्चित करें कि अस्पताल या टैटू पार्लर में हमेशा नई और स्टेरलाइज्ड सुई का ही उपयोग हो।
- PrEP और PEP का उपयोग: यदि आपको लगता है कि आप उच्च जोखिम में हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर PrEP (प्री-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस) ले सकते हैं। संक्रमण के संपर्क में आने के 72 घंटे के भीतर PEP दवाइयां ली जा सकती हैं।
- जागरूकता और जांच: अपनी स्थिति जानने के लिए समय-समय पर स्वेच्छा से जांच कराएं। आज के समय में ART (एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी) दवाओं से HIV पॉजिटिव व्यक्ति भी एक सामान्य और लंबी जिंदगी जी सकता है।

