छत्तीसगढ़ में खनिजों की पूरी वैल्यू चेन होगी विकसित; ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल से आदिवासियों को सीधा लाभ

Chhattisgarh Critical Minerals. छत्तीसगढ़ अब सिर्फ जमीन से कच्चा खनिज निकालने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्वेषण से लेकर एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग तक की पूरी वैल्यू चेन राज्य में ही तैयार करेगा। नवा रायपुर में आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी के रोड शो में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह घोषणा की। भारत सरकार द्वारा देश भर में नीलाम किए जा रहे 20 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक्स में से 5 अकेले छत्तीसगढ़ के हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम जनता और स्थानीय समुदायों के सीधे लाभ के लिए दो महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किए:

आम नागरिकों और आदिवासियों के लिए बड़े फैसले

  • ई-रेत संगवारी पोर्टल: प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को घर बनाने के लिए रियायती दर पर आसानी से रेत उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी।

  • टिन पोर्टल: दंतेवाड़ा और बस्तर क्षेत्र के आदिवासी परिवारों को टिन अयस्क का सही और उचित मूल्य दिलाने के लिए यह पोर्टल शुरू किया गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

  • कौशल विकास व वित्तीय मदद: कोरन्डम कटिंग व पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए सीएमडीसी और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच एमओयू हुआ है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगारपरक हुनर मिलेगा। वहीं वित्तीय सहयोग के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक से समझौता किया गया है।

भविष्य की तकनीक और उद्योगों का केंद्र

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और रक्षा उपकरणों के निर्माण में लिथियम, ग्रेफाइट, वैनेडियम, निकेल और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे खनिजों की भारी मांग है। छत्तीसगढ़ के कटघोरा और बस्तर (लिथियम व दुर्लभ तत्व), बलरामपुर (ग्रेफाइट व वैनेडियम), बालोद (फास्फोराइट) और महासमुंद (निकेल व क्रोमियम) में इनकी भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं।

औद्योगिक विकास और राजस्व में उछाल

  • राजस्व में वृद्धि: राज्य का खनिज राजस्व बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है, जिसका उपयोग डीएमएफ फंड के जरिए खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जा रहा है।

  • निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां: नई औद्योगिक नीति, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0’ के जरिए निवेश को सुगम बनाया गया है, ताकि नवा रायपुर और राजनांदगांव के इलेक्ट्रॉनिक्स व डेटा सेंटर क्लस्टर्स में बड़े पैमाने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

इन्हें भी पढ़े