चीन का एकाधिकार खत्म: भारत की इस कंपनी ने बनाई ‘बिना मैग्नेट वाली नई EV मोटर’, एलन मस्क को भी पछाड़ा!
Magnet-Free Motor. इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दुनिया में एक बहुत बड़ी क्रांति हुई है। अब तक इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चलाने के लिए जिस मोटर का इस्तेमाल होता था, उसमें ‘रेयर-अर्थ परमानेंट मैग्नेट’ (दुर्लभ खनिजों से बने चुंबक) का होना बहुत जरूरी माना जाता था। लेकिन अब एक ऐसी मोटर का पेटेंट हासिल किया गया है जो पूरी तरह से ‘मैग्नेट-फ्री’ (बिना चुंबक की) है। इसे वर्चुअल मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर (VMSM) नाम दिया गया है। इसमें फिक्स्ड चुंबक की जगह सॉफ्टवेयर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और तांबे की कॉइल (copper coils) का इस्तेमाल करके असली समय में चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic field) पैदा किया जाता है।
इसे किसने और कहां विकसित किया?
इस क्रांतिकारी तकनीक को किसी विदेशी दिग्गज कंपनी ने नहीं, बल्कि भारत के बेंगलुरु स्थित एक डीप-टेक स्टार्टअप ‘विमग लैब्स’ (Vimag Labs) ने विकसित किया है। इस कंपनी की स्थापना सितंबर 2025 में हुई थी और इसके सह-संस्थापक व सीईओ मनीष सेठ हैं। विमग लैब्स ने हाल ही में भारत में इस मोटर के कोर आर्किटेक्चर के लिए अपना पांचवां पेटेंट हासिल किया है, जो उनकी 87,600 से अधिक इंजीनियरिंग घंटों की कड़ी मेहनत का नतीजा है।
नई मोटर से क्या-क्या लाभ होंगे?
इस नई मोटर के आने से ऑटोमोबाइल और टेक इंडस्ट्री को कई बड़े फायदे होंगे:
- चीन के एकाधिकार पर चोट: पूरी दुनिया में EV मोटरों में इस्तेमाल होने वाले ‘रेयर-अर्थ’ खनिजों का सबसे बड़ा सप्लायर चीन है। इस मोटर के बनने से चीन पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
- लागत में भारी कमी: महंगी धातुओं और खनिजों का इस्तेमाल न होने से इन मोटरों के निर्माण की लागत कम होगी, जिससे भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन भी सस्ते हो सकते हैं।
- मेक इन इंडिया को बढ़ावा: यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। यह स्वदेशी तकनीक भारत को ग्लोबल EV सप्लाई चेन का नया केंद्र बना सकती है।
- बहुमुखी उपयोग: यह तकनीक सिर्फ कारों या दोपहिया वाहनों तक सीमित नहीं रहेगी; भविष्य में इसका इस्तेमाल कमर्शियल वाहनों, रोबोटिक्स, रक्षा उपकरणों (Defence) और कूलिंग सिस्टम में भी किया जा सकेगा।
क्या यह परंपरागत चुंबक वाली मोटर से बेहतर है?
हां, कई मायनों में यह पारंपरिक परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर (PMSM) से बहुत बेहतर है। पारंपरिक मोटरों में तापमान बढ़ने पर चुंबक की ताकत कम होने का खतरा रहता है, और वे पर्यावरण के लिहाज से भी नुकसानदेह (खनन के कारण) होती हैं। इसके विपरीत, विमग लैब्स का दावा है कि उनकी यह ब्रश-लेस और स्लिप-रिंग फ्री मोटर बिना किसी चुंबक के भी पुरानी मोटरों के बराबर या उससे अधिक ताकत और परफॉर्मेंस देती है। चूंकि इसमें सारा नियंत्रण सॉफ्टवेयर के जरिए होता है, इसलिए यह ज्यादा स्मार्ट है और इसे जरूरत के हिसाब से आसानी से ऑप्टिमाइज़ किया जा सकता है।
जिस तकनीक को बनाने का सपना एलन मस्क की टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियां देख रही थीं, उसे भारतीय स्टार्टअप ने सच कर दिखाया है। यह नवाचार साबित करता है कि डीप-टेक और सॉफ्टवेयर के दम पर भारत दुनिया की सबसे जटिल इंजीनियरिंग समस्याओं को हल करने में सक्षम है।

