छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय कैबिनेट: जानिए कौन है सबसे अमीर, सबसे गरीब और सबसे ज्यादा पढ़ा-लिखा मंत्री
Chhattisgarh Cabinet Ministers Education and Assets. छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार का गठन हुआ था। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और चुनाव आयोग के MyNeta डेटा के अनुसार, राज्य कैबिनेट के मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता और संपत्ति के दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं।
सबसे ज्यादा और सबसे कम शिक्षित मंत्री
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सबसे ज्यादा शिक्षित (Most Educated):
कैबिनेट में उच्च शिक्षित मंत्रियों की बात करें तो ओ.पी. चौधरी (O.P. Choudhary) और केदार कश्यप (Kedar Kashyap) का नाम सबसे ऊपर आता है। ओ.पी. चौधरी एक पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी हैं, जिन्होंने यूपीएससी क्लियर किया है और गणित में बीएससी (B.Sc) की डिग्री हासिल की है। वहीं, मंत्री केदार कश्यप ने हिंदी में एमए (M.A.) की पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री ली है। इसके अलावा, डिप्टी सीएम अरुण साव भी कानून (Law) के अच्छे जानकार और ग्रेजुएट हैं।
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सबसे कम शिक्षित (Least Educated):
ADR रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ कैबिनेट में सबसे कम पढ़े-लिखे खुद राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हैं। शैक्षणिक योग्यता हायर सेकेंडरी (12वीं कक्षा पास) हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे युवा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी 12वीं पास हैं।
सबसे अमीर और सबसे गरीब मंत्री
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सबसे अमीर मंत्री (Richest Minister):
शुरुआती कैबिनेट गठन के समय बृजमोहन अग्रवाल सबसे अमीर मंत्री थे (लगभग 17.49 करोड़ रुपये की संपत्ति), लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनके इस्तीफे के बाद यह समीकरण बदल गया है। वर्तमान कैबिनेट में ओ.पी. चौधरी सबसे अमीर मंत्री हैं, जिनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 12.90 करोड़ रुपये (Rs 12,90,11,613) से अधिक है। उनके ठीक बाद मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का नंबर आता है, जिनकी संपत्ति लगभग 12.09 करोड़ रुपये है।
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सबसे गरीब मंत्री (Poorest / Least Wealthy Minister):
ADR की रिपोर्ट के अनुसार, जब 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी, तब उनमें से 11 मंत्री ‘करोड़पति’ क्लब का हिस्सा थे। लेकिन एक मंत्री ऐसे हैं जो करोड़पति नहीं हैं, जिनकी संपत्ति कैबिनेट में सबसे कम (लाखों में) है। इसके अलावा, कैबिनेट की इकलौती महिला और सबसे युवा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा लखनलाल देवांगन जैसे नेताओं की संपत्ति अन्य कद्दावर मंत्रियों की तुलना में काफी कम आंकी गई है।
(सोर्स: यह जानकारी चुनाव आयोग की वेबसाइट, MyNeta.info और ADR की आधिकारिक 2023 विधानसभा रिपोर्ट से ली गई है)

