CBSE की शानदार पहल: 8वीं से 12वीं के छात्रों के लिए 19 फ्री AI और टेक कोर्स शुरू, घर बैठे सीखें पायथन व कोडिंग

CBSE Free AI Courses. स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक और डिजिटल कौशल से जोड़ने की दिशा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक बड़ा कदम उठाया है। सीबीएसई ने देश भर के स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 19 उच्चस्तरीय ऑनलाइन तकनीक कोर्स (Online Technology Courses) बिल्कुल मुफ्त शुरू किए हैं।

इन कोर्सों के जरिए छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जनरेटिव AI, पायथन प्रोग्रामिंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसे भविष्य के सबसे मांग वाले विषयों को अपनी सुविधा के अनुसार सीख सकेंगे।

एनआईईएलआईटी (NIELIT) के सहयोग से मिली नई उड़ान

सीबीएसई ने यह महत्वपूर्ण पहल इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के ‘नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी’ (NDU) प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी में शुरू की है।

सीबीएसई की निदेशक (अकादमिक) डॉ. प्रज्ञा एम. सिंह ने सर्कुलर जारी कर बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस दूरदर्शी योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा छात्रों और उनके अभिभावकों तक पहुंचाएं ताकि विद्यार्थी समय रहते इन कौशलों को सीख सकें।

कौन-कौन से 19 कोर्स हैं शामिल?

इन 19 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में उद्योग और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विषयों का चयन किया गया है। प्रमुख पाठ्यक्रमों की सूची इस प्रकार है:

  1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): इंट्रोडक्शन टू जनरेटिव AI (Introduction to Generative AI), युवा AI फॉर ऑल (Yuva AI for All)।
  2. प्रोग्रामिंग एवं कोडिंग: इंट्रोडक्शन टू पायथन (Introduction to Python), ओ-लेवल पायथन लैंग्वेज (हिंदी और अंग्रेजी में)।
  3. कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स: ट्रिपल सी (CCC – Course on Computer Concepts) हिंदी और अंग्रेजी में।
  4. क्लाउड कंप्यूटिंग व सिक्योरिटी: AWS DevSecOps (बेसिक, इंटरमीडिएट और एडवांस्ड)।
  5. वेब व इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT): ओ-लेवल वेब डिजाइनिंग एंड पब्लिशिंग (हिंदी/अंग्रेजी), ओ-लेवल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT – हिंदी/अंग्रेजी)।
  6. हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर तकनीक: चिपक्राफ्ट (ChipCraft), डीपक्राफ्ट स्टूडियो (DEEPCRAFT Studio), सेमीकंडक्टर डिजाइन (RTL, IP इंटीग्रेशन और SoC साइन-ऑफ)।
  7. 3D प्रिंटिंग: एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और 3D प्रिंटिंग।

कोर्स की अवधि, प्रारूप और मुख्य फायदे

  • पूरी तरह मुफ्त: इन सभी 19 कोर्सों के लिए छात्रों को कोई नामांकन शुल्क या पढ़ाई का खर्च नहीं देना होगा।
  • अपनी गति से सीखें (Self-Paced): ये कोर्स ऑनलाइन और फ्लेक्सिबल फॉर्मेट में हैं। छात्र स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ अपने खाली समय में इन्हें पूरा कर सकते हैं।
  • लचीली समय-सीमा: कुछ शुरुआती और परिचयात्मक मॉड्यूल मात्र 90 मिनट (डेढ़ घंटे) के हैं, जबकि एडवांस्ड और ओ-लेवल के गहन मॉड्यूल 15 से 120 घंटे तक के हैं।
  • हिंदी व अंग्रेजी माध्यम: छात्रों की सहूलियत के लिए कई महत्वपूर्ण विषय हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराए गए हैं।

छात्र कैसे कर सकते हैं आवेदन?

  1. सीबीएसई के छात्र NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक वेब पोर्टल (ndu.digital) पर जा सकते हैं।
  2. पोर्टल पर जाकर छात्र अपनी रुचि और कक्षा के अनुसार पसंदीदा कोर्स चुनकर निशुल्क पंजीकरण (Enroll) कर सकते हैं।
  3. कोर्स पूरा करने पर छात्रों को डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्राप्त होगा जो भविष्य में उनके करियर और उच्च शिक्षा के लिए बेहद मददगार साबित होगा।

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