सोने की कीमतों पर नया अनुमान: क्या 2027 तक आसमान छुएगा सोना? जानें ग्लोबल ब्रोकर्स की भविष्यवाणी
Gold price prediction. हाल के महीनों में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखी गई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार जा चुका है। आने वाले समय में भी कीमती धातुओं में बढ़त की उम्मीद जताई जा रही है। दुनिया की प्रमुख ब्रोकरेज और निवेश संस्थाओं ने 2026 के अंत और 2027 के लिए अपने लक्ष्य (टारगेट प्राइस) को संशोधित किया है।
कौन कर रहा है आंकलन और क्या हैं अनुमान?
वैश्विक स्तर पर प्रमुख बैंक और वित्तीय संस्थाएं सोने की कीमतों पर नियमित शोध रिपोर्ट जारी करती हैं। वर्तमान में मुख्य रूप से गोल्डमैन सैक्स, यूबीएस (UBS), सिटी (Citi) और वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने सोने को लेकर ताजा पूर्वानुमान दिए हैं:
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गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs): 18 सितंबर 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के अंत तक सोने का लक्ष्य 4,650 डॉलर प्रति औंस तय किया है। वहीं, 2027 के अंत तक इसके 5,400 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है।
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यूबीएस (UBS): स्विस ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने 2026 के अंत तक सोने की कीमत 4,600 डॉलर और मध्य-2027 तक 5,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। 2027 के अंत के लिए यह लक्ष्य 5,400 डॉलर रखा गया है। यूबीएस ने निवेशकों को गिरावट आने पर खरीदारी (Buy the dip) की सलाह दी है।
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सिटी (Citi): सिटी बैंक ने 2026 की आखिरी तिमाही के लिए सोने का लक्ष्य बढ़ाकर 4,500 डॉलर से 4,800 डॉलर कर दिया है। अगले 6 से 12 महीनों में बैंक को सोने के 5,000 डॉलर प्रति औंस तक जाने की उम्मीद है।
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कॉमर्जबैंक (Commerzbank) और स्टैंडर्ड चार्टर्ड: कॉमर्जबैंक ने 2026 के अंत तक 4,800 डॉलर और 2027 तक 5,200 डॉलर का लक्ष्य दिया है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने 2026 की चौथी तिमाही में औसत मूल्य 4,650 डॉलर और 2027 के मध्य तक 5,100 डॉलर रहने का अनुमान जताया है।
तेजी के मुख्य कारण
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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (विशेषकर विकासशील देश) अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता (डी-डॉलराइजेशन) कम करने के लिए लगातार भारी मात्रा में सोने की खरीदारी कर रहे हैं।
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ब्याज दरों में कटौती: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती से डॉलर कमजोर होता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सोना अधिक आकर्षक हो गया है।
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भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व और अन्य वैश्विक संघर्षों के कारण अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
क्या लोगों को सोने की खरीदी में रुचि लेनी चाहिए?
ब्रोकरेज फर्मों के आंकलन के आधार पर सोने में निवेश वर्तमान में भी एक सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प माना जा रहा है।
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लंबी अवधि का नजरिया: अगर निवेश का नजरिया 2 से 5 साल का है, तो सोने में खरीदारी लाभदायक हो सकती है क्योंकि 2027 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके 5,400 डॉलर प्रति औंस के पार जाने की मजबूत संभावनाएं हैं।
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गिरावट पर खरीदें: यूबीएस जैसी संस्थाओं ने स्पष्ट रूप से ‘गिरावट पर खरीदारी’ (Buy the dip) की रणनीति अपनाने को कहा है। बाजार के ऊंचे स्तरों पर एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (ETF), म्यूचुअल फंड्स या डिजिटल गोल्ड के जरिए सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करना बाजार की अस्थिरता से बचने का बेहतर तरीका है।
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मुद्रास्फीति से बचाव: वैश्विक ऋण में वृद्धि और महंगाई के दबाव को देखते हुए अपने निवेश पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा सोने में रखना एक संतुलित और सुरक्षित रणनीति मानी जाती है।
संस्थागत निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए आम निवेशकों के लिए सोने में लंबी अवधि का निवेश भविष्य में अच्छे रिटर्न की मजबूत जमीन तैयार कर सकता है।

