वैश्विक पर्यावरण संकट: 10 वर्षों में खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण, जानें सबसे प्रदूषित और स्वच्छ देशों का हाल

Global Pollution Trends. बीते एक दशक (2016-2026) में वैश्विक औद्योगिकीकरण, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता और तेजी से घटते वन आवरण के कारण पर्यावरण प्रदूषण ने विकराल रूप ले लिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), येल यूनिवर्सिटी के एनवायर्नमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स (EPI) और ग्लोबल एयर क्वालिटी रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में लगभग 8 से 10% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक तापमान और वायु-जल प्रदूषण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

दुनिया की 90% से अधिक आबादी ऐसी हवा में सांस लेने को मजबूर है जो WHO के तय मानकों से कहीं अधिक जहरीली है।

प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण

  • जीवाश्म ईंधन का अंधाधुंध उपयोग: ऊर्जा उत्पादन और उद्योगों में कोयला, तेल और गैस का व्यापक दहन।

  • वाहनों की भारी संख्या: परिवहन क्षेत्र से निकलने वाला नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड।

  • औद्योगिक कचरा व अपशिष्ट प्रबंधन की कमी: अनुपचारित रासायनिक अपशिष्ट का जलस्रोतों में मिलना और प्लास्टिक कचरे का अंबार।

  • वनों की कटाई और कृषि अवशेष: जंगलों का कटना और मौसमी तौर पर पराली/बायोमास जलाने से हवा में PM 2.5 का अत्यधिक फैलाव।

  • अनियोजित शहरीकरण व निर्माण कार्य: बड़े शहरों में धूल कण (Dust Pollution) का वायुमंडल में बना रहना।

किस क्षेत्र/देश में सबसे तेजी से बढ़ा प्रदूषण?

दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और मध्य अफ्रीका में पिछले एक दशक में प्रदूषण का ग्राफ सबसे तेजी से ऊपर चढ़ा है:

  • सबसे तेज गिरावट: पाकिस्तान, बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो जैसे देशों में औद्योगिक विस्तार, कम कड़े नियम और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण PM 2.5 का स्तर WHO सीमा से 10 से 13 गुना तक दर्ज किया गया।

पर्यावरण के लिहाज से दुनिया के सबसे बेहतरीन देश

येल यूनिवर्सिटी के एनवायर्नमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स (EPI) और स्वच्छ वायु मानकों के आधार पर शीर्ष देश:

रैंक देश मुख्य खूबियां
1 एस्टोनिया (Estonia) 50% से अधिक वन क्षेत्र, डिजिटल व लो-कार्बन ढांचा
2 लक्जमबर्ग (Luxembourg) बेहतरीन जल शोधन, वायु गुणवत्ता और ग्रीन अर्बन प्लानिंग
3 जर्मनी (Germany) सख्त रीसाइक्लिंग कानून, रिन्यूएबल एनर्जी में भारी निवेश
4 फिनलैंड (Finland) 75% वन आवरण, दुनिया का सबसे शुद्ध वायु व पेयजल तंत्र
5 नॉर्वे / स्वीडन हाइड्रोपावर, शून्य-उत्सर्जन परिवहन और सख्त ई-वेस्ट नीतियां

भारत की स्थिति: चुनौतियां और सुधार के प्रयास

वैश्विक वायु गुणवत्ता रिपोर्ट (IQAir) के अनुसार भारत दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों की सूची में 6वें स्थान पर है।

  • PM2.5 का स्तर: भारत का राष्ट्रीय औसत PM 2.5 स्तर सुरक्षित मानक से लगभग 10 गुना अधिक है।

  • शहरों की स्थिति: दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में 60 से अधिक शहर भारतीय उपमहाद्वीप (विशेषकर गंगा के मैदानी इलाकों) के हैं।

  • पहल: हालांकि, भारत ने पिछले दशक में ‘नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ (NCAP), सौर ऊर्जा विस्तार (Solar Mission), BS-VI उत्सर्जन मानक और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति को लागू कर प्रदूषण की रफ्तार को थामने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं।

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