देश में बाबुओं का लेखा-जोखा: कहां सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम सरकारी कर्मचारी?
Govt Employees in India. सरकारी नौकरी भारत में आज भी लाखों युवाओं का सपना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूरे देश में कुल कितने सरकारी कर्मचारी काम करते हैं? किस राज्य में सबसे ज्यादा लोग सरकारी नौकरी में हैं और किस राज्य में यह संख्या सबसे कम है? आइए, आंकड़ों के जरिए इन सवालों के दिलचस्प जवाब तलाशते हैं।
केंद्र सरकार में कर्मचारियों की स्थिति
अगर सिर्फ केंद्र सरकार (Union Government) की बात करें, तो 1 जुलाई 2023 तक 56 मंत्रालयों और विभागों में लगभग 48.67 लाख कर्मचारी काम कर रहे थे। इसके अलावा, लगभग 77 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी (पेंशनभोगी) भी हैं।
केंद्र सरकार के अंतर्गत सबसे बड़ा नियोक्ता भारतीय रेलवे (Indian Railways) है, जिसमें लगभग 1.3 मिलियन (13 लाख) कर्मचारी कार्यरत हैं।
राज्यों का हाल: कहां सबसे ज्यादा, कहां सबसे कम?
सरकारी नौकरी या ‘वेतनभोगी रोजगार’ (salaried employment) के मामले में भारतीय राज्यों में भारी असमानता देखने को मिलती है:
- सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी/वेतनभोगी (Highest Salaried Employment): लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) और पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार, गोवा (Goa) और केरल (Kerala) में उनके कुल कार्यबल का सबसे बड़ा हिस्सा नियमित वेतनभोगी या सरकारी रोजगार में लगा हुआ है।
- सबसे कम सरकारी कर्मचारी/वेतनभोगी (Lowest Salaried Employment): इसके विपरीत, बिहार (Bihar) में कुल कार्यबल का सबसे छोटा हिस्सा वेतनभोगी रोजगार में है।
नोट: राज्यों में कर्मचारियों की संख्या वहां की जनसंख्या, विभागों की संख्या और स्वीकृत पदों पर निर्भर करती है।
किस राज्य में सबसे ज्यादा और सबसे कम पद खाली?
सरकारी विभागों में रिक्तियों (vacancies) की स्थिति हमेशा चर्चा का विषय रहती है।
- खाली पदों का अंबार: केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 1 जुलाई 2023 तक 9.64 लाख पद खाली थे, जो 2025 तक बढ़कर करीब 10 लाख होने का अनुमान है।
- राज्यों में स्थिति: हालांकि हर राज्य का अलग-अलग सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन तेलंगाना (Telangana) की स्थिति चौंकाने वाली है। वहां स्वीकृत पदों (4,91,304) में से केवल 61% पदों पर ही कर्मचारी उपलब्ध हैं (लगभग 3,00,178 कर्मचारी), जिसके कारण वहां प्रति 1,000 नागरिकों पर केवल 8.5 कर्मचारी ही उपलब्ध हैं। यह दर्शाता है कि वहां रिक्तियों का प्रतिशत काफी अधिक है।
- न्यायिक प्रणाली में भी कमी: उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के जिला न्यायालयों में ही 875 स्वीकृत पदों के मुकाबले 137 न्यायिक अधिकारियों के पद खाली हैं, जिनमें चित्तूर (Chittoor) जिले में सबसे ज्यादा 24 पद रिक्त हैं।
कुल मिलाकर, भारत में सरकारी कर्मचारियों की संख्या लाखों में है, लेकिन बढ़ती आबादी और आवश्यकताओं के अनुपात में कई राज्यों और विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी भी साफ दिखाई देती है।

