रील और शॉर्ट्स ने बदल दी इस बाजार की किस्मत: इन्फ्लूएंसर बूम से ‘ब्यूटी और पर्सनल केयर’ मार्केट में पैसों की बारिश!

Social Media Influencers Effect. स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट ने भारत में सोशल मीडिया की दुनिया में क्रांति ला दी है। इंस्टाग्राम रील्स से लेकर यूट्यूब शॉर्ट्स तक, हर तरफ इन्फ्लूएंसर्स का जलवा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया चैनलों की बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा फायदा किस बाजार को हुआ है? इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा ‘ब्यूटी एंड पर्सनल केयर’ (BPC) प्रोडक्ट्स के बाजार को मिला है।

लिपस्टिक, फेस सीरम, स्किनकेयर रूटीन से लेकर हेयर केयर प्रोडक्ट्स तक—आज हर इन्फ्लूएंसर अपने फॉलोअर्स को कोई न कोई ब्यूटी प्रोडक्ट रिकमेंड कर रहा है। ‘गेट रेडी विद मी’ (GRWM) और मेकअप ट्यूटोरियल्स ने भारतीय ग्राहकों के खरीदारी करने का तरीका ही पूरी तरह बदल दिया है।

पहले क्या थी सेल और अब क्या है आंकड़ा?

इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग ने ब्यूटी प्रोडक्ट्स की सेल को रातों-रात एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इसके आंकड़े काफी हैरान करने वाले हैं:

  • वर्तमान स्थिति: भारत का ब्यूटी एंड पर्सनल केयर मार्केट अभी लगभग 21 अरब डॉलर (करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये) का है।

  • भविष्य का अनुमान: इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग और ई-कॉमर्स की बदौलत यह बाजार 10-11% की सालाना ग्रोथ के साथ 2028 तक 34 अरब डॉलर (करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचने का अनुमान है।

  • ऑनलाइन सेल में ऐतिहासिक उछाल: कुछ साल पहले तक लोग ब्यूटी प्रोडक्ट्स दुकान पर जाकर खरीदते थे और फिजिकल स्टोर्स का दबदबा था। लेकिन अब ट्रेंड बदल गया है। हाल ही में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स) पर ब्यूटी प्रोडक्ट्स की सेल में 39% का भारी उछाल देखा गया है, जबकि फिजिकल स्टोर्स की सेल मात्र 3% ही बढ़ी।

  • अनुमान है कि 2028 तक इस सेक्टर की कुल बिक्री का 33% हिस्सा सिर्फ ऑनलाइन सेल से आएगा।

ब्यूटी प्रोडक्ट्स को सबसे ज्यादा फायदा क्यों ?

  1. ट्रस्ट और क्रेडिबिलिटी: लोग टीवी के बड़े विज्ञापनों से ज्यादा अपने पसंदीदा इन्फ्लूएंसर की सलाह पर भरोसा करने लगे हैं। नैनो और माइक्रो-इन्फ्लूएंसर जब कोई स्किनकेयर प्रोडक्ट कैमरे के सामने इस्तेमाल करके दिखाते हैं और उसके फायदे गिनाते हैं, तो उनकी ऑडियंस उसे तुरंत खरीद लेती है।

  2. टियर-2 और टियर-3 शहरों में पहुंच: क्षेत्रीय भाषाओं (मराठी, तमिल, बंगाली आदि) में कंटेंट बनाने वाले इन्फ्लूएंसर्स ने छोटे शहरों और कस्बों में भी ब्रांडेड ब्यूटी प्रोडक्ट्स की भारी डिमांड पैदा कर दी है। बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की लगभग 60% प्रीमियम सेल अब इन्हीं नॉन-मेट्रो शहरों से आ रही है।

  3. मेन्स ग्रूमिंग और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की डिमांड: सोशल मीडिया अवेयरनेस के कारण केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स धड़ल्ले से खरीद रहे हैं। इसके साथ ही, इन्फ्लूएंसर्स द्वारा केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स के रिव्यू करने से भारत के कुल BPC मार्केट में ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 42% तक पहुंच गई है।

आंकड़ों के मुख्य स्रोत और आधार

  • Redseer Strategy Consultants और Peak XV: इन प्रमुख मार्केट रिसर्च संस्थाओं की हालिया जॉइंट रिपोर्ट के अनुसार ही भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर (BPC) मार्केट का वर्तमान मूल्यांकन लगभग 21-22 अरब डॉलर आंका गया है और इसके 2027-2028 तक 30-34 अरब डॉलर के पार जाने का अनुमान जताया गया है।

  • Nykaa और Bain & Company: इन कंपनियों के साझा विश्लेषण में यह बात सामने आई थी कि ऑनलाइन ब्यूटी सेल (ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर) में 30% से 40% के बीच भारी उछाल (39% का आंकड़ा) आया है, जबकि ऑफलाइन या फिजिकल स्टोर्स की वृद्धि बहुत धीमी (लगभग 3%) रही है।

  • Kantar और NielsenIQ: उपभोक्ता व्यवहार और रिटेल बाजार पर नजर रखने वाली इन फर्म्स के डेटा से यह स्पष्ट हुआ है कि ई-कॉमर्स की कुल प्रीमियम सेल का लगभग 60% हिस्सा अब टियर-2 और टियर-3 (छोटे शहरों और कस्बों) से आ रहा है।

  • EY (Ernst & Young) और KPMG: इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग इंडस्ट्री की ग्रोथ और 2026 तक इसके 3,375 करोड़ रुपये के बाजार बनने का अनुमान इन्हीं मार्केटिंग और कंसल्टिंग एजेंसियों की रिपोर्ट्स से लिया गया है।

कुल मिलाकर, इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग अब केवल एक ‘ट्रेंड’ नहीं रह गई है (जिसका बाजार खुद 2026 तक 3,375 करोड़ रुपये का होने वाला है), बल्कि यह ब्यूटी और पर्सनल केयर इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बन चुकी है। सोशल मीडिया ने ब्रांड्स को ग्राहकों के ड्रेसिंग टेबल तक डायरेक्ट एंट्री दिला दी है, और इसका सीधा असर इस बाजार की लगातार बढ़ती तिजोरी में देखा जा सकता है।

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