क्या अनाया बांगड़ हैं पहली ट्रांसजेंडर खिलाड़ी? जानिए क्यों छिड़ा है ‘फेयर प्ले’ बनाम ‘समानता’ का विवाद
Anaya Bangar Controversy. पूर्व भारतीय ऑलराउंडर और बैटिंग कोच संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ (पूर्व नाम आर्यन बांगड़) द्वारा जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी (लिंग परिवर्तन) कराकर महिला क्रिकेट में कदम रखने के फैसले ने दुनिया भर में नई बहस छेड़ दी है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें कम्युनिटी क्रिकेट और मार्च 2027 से पात्रता नियमों के तहत एलीट क्रिकेट (जैसे WBBL) खेलने की सशर्त अनुमति दी है।
क्या अनाया बांगड़ दुनिया का पहला मामला?
अनाया बांगड़ दुनिया का पहला मामला नहीं हैं। खेल जगत में पुरुष से महिला (Transgender Woman) बनकर महिला वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने का इतिहास दशकों पुराना है।
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पहली ट्रांसजेंडर खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड डेनियल मैकगाहे (कनाडा) के नाम है, जिन्होंने 2023 में आधिकारिक महिला T20I मैच खेले थे।
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अनाया बांगड़ का मामला इसलिए अभूतपूर्व है क्योंकि वह भारत में एक उच्च-स्तरीय पुरुष आयु-वर्ग क्रिकेटर (मुंबई अंडर-19) रह चुकी हैं और किसी प्रमुख पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर की संतान हैं, जिन्होंने महिला क्रिकेट में प्रवेश का औपचारिक प्रयास किया है।
विश्व खेल जगत के प्रमुख ट्रांसजेंडर एथलीट (पुरुष से महिला)
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रेनी रिचर्ड्स (टेनिस, यूएसए): 1970 के दशक में ऑर्थोपेडिक सर्जन और टेनिस खिलाड़ी रिचर्ड रासकिंड ने सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी कराई और रेनी रिचर्ड्स बनीं। उन्होंने यूएस ओपन 1977 के महिला डबल्स फाइनल तक का सफर तय किया था।
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लॉरेल हबर्ड (वेटलिफ्टिंग, न्यूजीलैंड): टोक्यो ओलंपिक 2020 (आयोजित 2021) में भाग लेकर ओलंपिक इतिहास में प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली ओपनली ट्रांसजेंडर एथलीट बनीं।
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लिया थॉमस (तैराकी, यूएसए): यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया के लिए स्विमिंग करते हुए 2022 में NCAA डिवीजन-1 नेशनल चैंपियनशिप (500-यार्ड फ्रीस्टाइल) जीतने वाली पहली ट्रांसजेंडर तैराक बनीं।
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डेनियल मैकगाहे (क्रिकेट, कनाडा): पुरुषों के क्लब क्रिकेट से शुरुआत करने के बाद वह महिला वर्ग में शामिल हुईं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाली पहली ट्रांस महिला बनीं।
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एमिली ब्रिजेस (साइकिलिंग, यूके): जूनियर स्तर पर पुरुषों के रिकॉर्ड बनाने के बाद उन्होंने महिला साइकिलिंग वर्ग में प्रवेश चाहा।
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फैलन फॉक्स (एमएमए/मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, यूएसए): एमएमए के इतिहास में पहली ओपनली ट्रांसजेंडर फाइटर बनीं।
इन खिलाड़ियों से जुड़े मुख्य विवाद और बहस
महिला खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों के शामिल होने पर दुनिया भर में दो मजबूत पक्ष आमने-सामने हैं।
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जैविक लाभ (Biological Advantage) और फेयर प्ले का तर्क:
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आलोचकों और कई महिला एथलीटों का तर्क है कि पुरुष यौवनावस्था (Male Puberty) से गुजरने के कारण हड्डियों का घनत्व (Bone Density), मांसपेशियों का द्रव्यमान, फेफड़ों की क्षमता और शारीरिक संरचना में स्थायी बढ़त मिलती है।
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हार्मोन थेरेपी (टेस्टोस्टेरोन सप्रेसेंट) लेने के बाद भी यह प्राकृतिक लाभ पूरी तरह समाप्त नहीं होता, जिससे जैविक महिलाओं (Cisgender Women) के लिए प्रतिस्पर्धा अनुचित हो जाती है। दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर मारिजान कैप जैसी शीर्ष खिलाड़ियों ने भी इस पर खुलकर विरोध दर्ज कराया है।
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समावेशन और मानवाधिकार (Inclusion & Human Rights) का तर्क:
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ट्रांसजेंडर अधिकार समर्थकों और स्वयं एथलीटों का कहना है कि खेल सभी के लिए हैं। हार्मोनल थेरेपी और सर्जरी के बाद शरीर में मांसपेशियों और एथलेटिक क्षमताओं में भारी गिरावट आती है।
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उनका तर्क है कि कड़े मेडिकल मानकों और टेस्टोस्टेरोन की तय सीमा के आधार पर उन्हें बाहर करने के बजाय संतुलित नियम बनाए जाने चाहिए।
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खेल संस्थाओं का वर्तमान रुख
बढ़ते विवादों के बाद दुनिया की शीर्ष खेल संस्थाओं ने अपने नियमों को सख्त किया है:
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ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद): नवंबर 2023 में नियम बनाकर पुरुष यौवनावस्था से गुजर चुकी किसी भी ट्रांसजेंडर महिला के अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया।
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वर्ल्ड एक्वेटिक्स (तैराकी) व यूसीआई (साइकिलिंग): पुरुष यौवनावस्था देख चुके ट्रांस एथलीट्स को महिला एलीट वर्ग से बाहर कर अलग ‘ओपन कैटेगरी’ का प्रस्ताव दिया है।
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बीसीसीआई (BCCI): भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पास फिलहाल घरेलू स्तर पर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है, जिसके कारण यह विषय भारत में एक बड़ा चर्चा का बिंदु बना हुआ है।
अनाया बांगड़ चर्चा में क्यों
अनाया बांगड़ का फिलहाल किसी विशिष्ट फ्रैंचाइज़ी या राष्ट्रीय/राज्य टीम में आधिकारिक चयन (अनुबंध) नहीं हुआ है। उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (Cricket Australia) द्वारा अपनी नीति के तहत खेलने की पात्रता और अनुमति दी गई है।
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कम्युनिटी / प्रीमियर क्रिकेट (ऑस्ट्रेलिया): उन्हें तत्काल प्रभाव से ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में महिला कम्युनिटी क्रिकेट (प्रीमियर क्रिकेट क्लब प्रतियोगिताओं) में भाग लेने की अनुमति मिली है।
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एलीट महिला क्रिकेट (WBBL): आवश्यक मेडिकल व टेस्टोस्टेरोन मानकों को पूरा करने की शर्त पर उन्हें मार्च 2027 से ऑस्ट्रेलिया के एलीट महिला क्रिकेट (जैसे विमेंस बिग बैश लीग – WBBL) के लिए पात्र (Eligible) घोषित किया गया है। WBBL में खेलने के लिए उन्हें किसी फ्रैंचाइज़ी टीम द्वारा अनुबंधित किया जाना बाकी है।

