भारत का सबसे पहला जिला कौन सा है? जानें देश के 800 जिलों से जुड़े रोचक तथ्य
First district of India. भारत की विशालता और विविधता को सहेजने वाले इसके जिले सिर्फ प्रशासनिक इकाइयां नहीं, बल्कि अपने आप में इतिहास की जीती-जागती किताबें हैं। आज देश में करीब 800 जिले हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के नक्शे पर वजूद में आने वाला सबसे पहला जिला कौन सा था? एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जिलों की भरमार है, तो वहीं गोवा सिर्फ दो जिलों में सिमटा हुआ है। महाभारत काल के ऐतिहासिक ‘प्रस्थ’ से लेकर ब्रिटिश राज के प्रशासनिक प्रयोगों तक… आइए आपको भारत के जिलों के सफर और उनसे जुड़े कुछ ऐसे अनसुने किस्से बताते हैं, जो यकीनन आपकी जनरल नॉलेज को भी बढ़ाएंगे और आपको हैरान भी कर देंगे।
भारत का सबसे पहला जिला और उसकी वर्तमान स्थिति
भारत के प्रशासनिक इतिहास में सेलम (Salem) को देश का सबसे पहला जिला माना जाता है। इसे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा 4 अप्रैल 1792 को स्थापित किया गया था। यह ऐतिहासिक जिला वर्तमान में तमिलनाडु राज्य में स्थित है। इसके अलावा, कुछ इतिहासकार 24 परगना (पश्चिम बंगाल) को भी भारत के पहले जिले का दर्जा देते हैं। प्लासी के युद्ध के बाद 1757 में नवाब मीर जाफर ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को 24 ‘परगना’ (प्रशासनिक इकाइयां) सौंपे थे, जिससे यह अंग्रेजों द्वारा प्रशासित पहला बड़ा भू-भाग बना।
देश में जिलों की कुल संख्या
वर्तमान (2024-25) में भारत में कुल जिलों की संख्या लगभग 800 से 802 के बीच पहुंच चुकी है। प्रशासनिक सुविधाओं के लिए राज्य सरकारें नए जिले बनाती रहती हैं, जिससे यह आंकड़ा समय के साथ बदलता रहता है।
सबसे ज्यादा और सबसे कम जिले वाले राज्य
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सबसे ज्यादा जिले: उत्तर प्रदेश (75 जिले)
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सबसे कम जिले: गोवा (मात्र 2 जिले – उत्तरी गोवा और दक्षिणी गोवा)
जिले के निर्माण से जुड़ा रोचक किस्सा
(पानीपत) हरियाणा के पानीपत जिले का इतिहास बेहद रोचक है। ऐसा माना जाता है कि महाभारत काल में युद्ध टालने के लिए पांडवों ने दुर्योधन से जिन 5 गांवों (प्रस्थ) की मांग की थी, उनमें से एक ‘पनप्रस्थ’ था। यही पनप्रस्थ आज पानीपत जिले के रूप में जाना जाता है, जिसे ‘बुनकरों का शहर’ भी कहा जाता है। इसी जिले की जमीन पर भारत का इतिहास बदलने वाले तीन सबसे बड़े युद्ध (पानीपत की पहली, दूसरी और तीसरी लड़ाई) लड़े गए थे।

