कॉक्रोच जनता पार्टी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस : पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा, 6 जून को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन
Cockroach Janta Party Press Conference. देशभर के युवाओं और सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोरने वाले व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन ‘कॉक्रोच जनता पार्टी’ (CJP) ने चुनावी राजनीति से इतर अपनी पहली औपचारिक मीडिया बातचीत शुरू कर दी है। 3 जून बुधवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (CCI) के डिप्टी स्पीकर हॉल में पार्टी की पहली ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान हॉल में पत्रकारों की भारी भीड़ उमड़ी। सीटों की कमी के चलते कई मीडियाकर्मियों को फर्श पर बैठकर वार्ता को कवर करना पड़ा।
किसने ली प्रेस कॉन्फ्रेंस और किसे मिली जिम्मेदारी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत पार्टी द्वारा नव-नियुक्त प्रवक्ताओं की घोषणा के साथ हुई। इस प्रेस वार्ता को मुख्य रूप से कॉक्रोच जनता पार्टी के नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और खोजी पत्रकार सौरव दास ने संबोधित किया। उनके साथ मंच पर पार्टी के दो अन्य नवनियुक्त प्रवक्ता—राजनीतिक शोधकर्ता व फिल्म निर्माता विजेता दहिया और आईआईटी कानपुर व एलएसई (LSE) के पूर्व छात्र व पूर्व मैनेजमेंट कंसलटेंट आशुतोष रांका भी मौजूद रहे। प्रवक्ताओं ने बताया कि आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दीपके 6 जून को दिल्ली पहुंचेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या दी जानकारी और क्या हैं मांगें?
सीजेपी के प्रवक्ताओं ने देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली में हाल ही में सामने आई अनियमितताओं, सीबीएसई (CBSE), नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई मुख्य जानकारियां और मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
प्रवक्ताओं ने हालिया पेपर लीक और जेईई (JEE Advanced) के डेटा लीक होने की घटनाओं को शिक्षा मंत्रालय की गंभीर विफलता बताया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। - 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
पार्टी ने घोषणा की कि वे आगामी शनिवार, 6 जून 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने जा रहे हैं। - दिखावे की कार्रवाई का विरोध
मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सीबीएसई अध्यक्ष और सचिव के तबादलों की आलोचना करते हुए इसे “दिखावे की कार्रवाई” (Eyewash) करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्र केवल स्थानांतरण नहीं, बल्कि पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही चाहते हैं। - गैर-राजनीतिक मंच का आमंत्रण
आशुतोष रांका ने साफ किया कि इस आंदोलन में शामिल होने के लिए किसी भी राजनीतिक दल के झंडे या बैनर लाने की अनुमति नहीं होगी। यह देश के बेरोजगार और प्रताड़ित युवाओं का मंच है, जिसमें सभी राजनीतिक विचारधारा के लोग बिना किसी बैनर के शामिल हो सकते हैं।गौरतलब है कि 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी के बाद इस व्यंग्यात्मक आंदोलन (CJP) की शुरुआत हुई थी, जिसने महज कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स और युवाओं का समर्थन हासिल कर लिया है। अब यह डिजिटल आंदोलन सड़कों पर उतरने की तैयारी में है।

