छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: अब MBA और रोजगारोन्मुखी पढ़ाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
NMIMS in Nava Raipur. छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और नेतृत्व में देश के टॉप मैनेजमेंट संस्थानों में शुमार नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) का कैंपस अब नवा रायपुर अटल नगर में खुलेगा।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आज संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि की रजिस्ट्री की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके साथ ही इस बड़े प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा के लिए मुंबई-दिल्ली जैसे महानगरों का रुख न करना पड़े। उन्हें अपने ही प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के अवसर मिलें। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की सबसे बड़ी कड़ी है। सरकार युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार को एक साथ जोड़कर काम कर रही है।
40 एकड़ में बनेगा विश्वस्तरीय कैंपस, 90 साल की लीज पर मिली जमीन
नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में 40 एकड़ भूमि पर NMIMS का अत्याधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाली संस्था श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह जमीन 90 वर्षों की लीज पर दी गई है।
गौरतलब है कि राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को ही इस जमीन के आवंटन को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के CEO चंदन कुमार भी मौजूद रहे।
2-3 साल में शुरू होगा पहला बैच, 10 हजार युवाओं को मिलेगा मौका
प्रोजेक्ट के लिए 7 साल में पूर्ण विकास का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के छात्रों को इसका लाभ बहुत जल्द मिलने लगेगा। संस्थान का पहला बैच अगले दो से तीन वर्षों में शुरू करने की तैयारी है।
कैंपस के पूरी तरह विकसित होने पर यहां एक साथ लगभग 10,000 विद्यार्थी पढ़ाई कर सकेंगे।
छत्तीसगढ़ के युवाओं को क्या फायदा होगा?
- अपने राज्य में राष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई: प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी कोर्सेज के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
- पलायन रुकेगा, बाहर से छात्र आएंगे: प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्रों का पलायन रुकेगा, वहीं देशभर से छात्र छत्तीसगढ़ पढ़ने आएंगे, जिससे नवा रायपुर में एक समृद्ध शैक्षणिक माहौल बनेगा।
- रोजगार और स्टार्टअप को बूस्ट: NMIMS सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन और उद्यमिता का भी बड़ा केंद्र बनेगा। उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को तैयार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के नए औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों को कुशल युवा मिलेंगे।
राज्य सरकार नवा रायपुर को सिर्फ आधुनिक शहर ही नहीं, बल्कि एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित कर रही है। NMIMS के आने से नवा रायपुर की पहचान देश के उभरते हुए प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में और मजबूत होगी और शिक्षा से जुड़ी सहायक गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

