छत्तीसगढ़ में रोजगार की नई उड़ान: लखपति दीदी बनाने से लेकर युवाओं के स्टार्टअप्स तक, साय सरकार के बड़े प्रोजेक्ट!

Women and Youth Employment Schemes in Chhattisgarh. छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देते हुए कई दूरगामी योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार का मुख्य फोकस केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित न रहकर कौशल विकास (Skill Development), ग्रामीण आजीविका, सूक्ष्म वित्त पोषण (Micro-finance) और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता की राह तैयार करना है।

1. महिलाओं के रोजगार और आजीविका के लिए प्रमुख पहल

  • बिहान (CGSRLM) और लखपति दीदी योजना:

    छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत स्व-सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को सीधे व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत महिलाओं को पोल्ट्री, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खाद निर्माण और स्थानीय हस्तशिल्प में प्रशिक्षित कर ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • महतारी वंदन व महतारी शक्ति ऋण योजना:

    महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ अब उन्हें छोटे व्यवसाय (सिलाई, किराना, ब्यूटी पार्लर आदि) शुरू करने के लिए आसान व रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे गृह उद्योग शुरू कर सकें।

  • कौशल्या मातृत्व और महिला उद्यमिता प्रोत्साहन:

    महिला उद्यमियों के लिए जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से विशेष सब्सिडी और कार्यशील पूंजी सहायता योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

2. युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर

  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना:

    पढ़े-लिखे युवाओं को खुद का उद्योग या सेवा व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹25 लाख तक के ऋण और उसमें सब्सिडी (अनुदान) का प्रावधान किया गया है। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और रिटेल ट्रेड के लिए सहायता दी जाती है।

  • लाइवलीहुड कॉलेज और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण (CSSDA):

    प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्थापित लाइवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से बाजार की मांग (मार्केट-ड्रिवन स्किल्स) जैसे कि आईटी, सोलर इंस्टॉलेशन, ऑटोमोबाइल, हॉस्पिटैलिटी और रिटेल में युवाओं को ट्रेनिंग देकर सीधे प्लेसमेंट से जोड़ा जा रहा है।

  • स्टार्टअप छत्तीसगढ़ और आईटी पार्क विस्तार:

    रायपुर और भिलाई जैसे शहरों में नए आईटी और इनोवेशन हब बनाए जा रहे हैं। स्थानीय टेक युवाओं को इनक्यूबेशन, सीड फंडिंग और मेंटरशिप देकर रोजगार सृजक (Job Creator) बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

  • रोजगार मेला और अप्रेंटिसशिप अभियान:

    जिला रोजगार कार्यालयों के माध्यम से नियमित रूप से रोजगार मेलों और प्लेसमेंट कैंपों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे निजी कंपनियों में स्थानीय युवाओं को तुरंत नियुक्तियां मिल रही हैं।

राज्य सरकार की इन बहुआयामी योजनाओं का असर अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखने लगा है। जहाँ एक ओर ग्रामीण महिलाएं स्व-सहायता समूहों के ज़रिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं, वहीं युवा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार ऋण की मदद से अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं।

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