छत्तीसगढ़ के इस जिले में सबसे ज्यादा जमीन की खरीद फरोख्त, जानिए प्रदेश के सबसे बड़े और छोटे जिले का हाल
Land buying and selling in Chhattisgarh. छत्तीसगढ़ में अपने सपनों का घर बनाने और जमीन में निवेश करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से फल-फूल रहा है, और अगर जमीन की खरीद-फरोख्त की बात करें, तो राजधानी रायपुर इस मामले में पूरे प्रदेश में अव्वल है।
पंजीयन विभाग (Registration Department) के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में छोटे-बड़े प्लॉट, मकान और फ्लैट्स की रजिस्ट्री के मामले में रायपुर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रायपुर के बाद दुर्ग दूसरे और न्यायधानी बिलासपुर तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाए हुए हैं।
रायपुर में सबसे ज्यादा खरीद-फरोख्त की वजह क्या है?
राजधानी होने के कारण रायपुर में जमीन की सबसे ज्यादा डिमांड है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास: रायपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, नए चौड़ी सड़कें, स्कूल, अस्पताल और आईटी पार्कों का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे लोग यहाँ बसना चाहते हैं।
- सरकारी नीतियां और छूट: राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में विशेष छूट दी जाती है। इसके अलावा, हाल ही में रायपुर और कोरबा जैसे जिलों में जमीन की गाइडलाइन दरों (सर्किल रेट) को कम किया गया है, जिससे छोटे प्लॉट खरीदना आसान हो गया है।
- रोजगार और व्यावसायिक केंद्र: प्रदेश का सबसे बड़ा कमर्शियल हब होने के कारण यहाँ रोजगार के ढेरों अवसर हैं, जो प्रदेश भर के लोगों को आकर्षित करते हैं।
क्षेत्रफल के हिसाब से प्रदेश का सबसे बड़ा और सबसे छोटा जिला
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 33 जिले अस्तित्व में हैं। नए जिलों के गठन के बाद भौगोलिक सीमाएं काफी बदल गई हैं:
- सबसे बड़ा जिला: क्षेत्रफल के लिहाज से वर्तमान में सरगुजा (Surguja) प्रदेश का सबसे बड़ा जिला माना जाता है। (ध्यान दें: 33 जिलों के परिसीमन से पहले राजनांदगांव क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा जिला हुआ करता था, लेकिन खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के अलग होने के बाद इसका क्षेत्रफल कम हो गया है)।
- सबसे छोटा जिला: नवगठित जिलों में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) और सक्ती को प्रदेश के सबसे छोटे जिलों की श्रेणी में रखा जाता है।
जमीन की ज्यादा खरीद-बिक्री किस बात की ओर इशारा करती है?
जमीन की रजिस्ट्री में उछाल सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के कई सकारात्मक पहलुओं की ओर इशारा करता है:
- तेज शहरीकरण (Urbanization): लोग अब गांवों और छोटे कस्बों से निकलकर सुविधाओं से लैस शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।
- आर्थिक संपन्नता: यह इस बात का संकेत है कि मध्यम वर्गीय परिवारों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो रही है।
- निवेश का सुरक्षित विकल्प: शेयर बाजार और गोल्ड के मुकाबले लोग आज भी रियल एस्टेट को निवेश का सबसे सुरक्षित और रिटर्न देने वाला जरिया मानते हैं।
- सरकारी खजाने में वृद्धि: रजिस्ट्री बढ़ने से राज्य सरकार को राजस्व (Revenue) के रूप में भारी आय होती है, जिसका उपयोग जन-कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों में किया जाता है।
निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ का प्रॉपर्टी बाजार अपने सुनहरे दौर से गुजर रहा है। नीतियां अगर इसी तरह जन-अनुकूल रहीं, तो आने वाले समय में टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी प्रॉपर्टी की डिमांड में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।

