Facebook (Meta) का बड़ा अपडेट: 30 अक्टूबर से बदल रहे हैं विज्ञापन और AI नियम, जानें आप पर क्या होगा असर

Meta Commercial Terms Update. सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta), जो फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी है, अपने कमर्शियल और विज्ञापन एग्रीमेंट्स में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है। अगर आप डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े हैं, फेसबुक पर विज्ञापन (Ads) चलाते हैं, ई-कॉमर्स कैटलॉग मैनेज करते हैं, या ऐड क्रिएटिव जनरेटिव एआई (Ad Creative Generative AI) का इस्तेमाल करते हैं, तो यह अपडेट आपके काम करने के तरीके को प्रभावित करेगा।

मेटा ने घोषणा की है कि 30 अक्टूबर 2026 से उसके ‘कमर्शियल टर्म्स’ (Commercial Terms) और ‘सेल्फ-सर्व ऐड टर्म्स’ (Self-serve Ad Terms) के नए वर्ज़न लागू हो जाएंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्लेटफॉर्म की अलग-अलग पॉलिसीज़ के बीच के ओवरलैप को खत्म करना और नियमों को ज्यादा स्पष्ट बनाना है।

क्या हुए हैं मुख्य बदलाव?

मेटा अपने विज्ञापनों और बिजनेस टूल्स की जटिल कानूनी शर्तों को सरल बनाने के लिए कुछ पॉलिसीज़ को आपस में मिला रहा है:

  • प्रोडक्ट कैटलॉग टर्म्स (Product Catalogue Terms) का विलय: इसे अब सीधे मुख्य ‘मेटा कमर्शियल टर्म्स’ में शामिल (Merge) कर दिया गया है। ई-कॉमर्स और ऑनलाइन स्टोर चलाने वाले यूजर्स जो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने प्रोडक्ट्स लिस्ट करते हैं, अब उन्हें अलग-अलग नियम पढ़ने के बजाय एक ही कमर्शियल एग्रीमेंट के तहत काम करना होगा।

  • ऐड क्रिएटिव जनरेटिव एआई टर्म्स (Ad Creative Generative AI Terms) का विलय: एआई की मदद से विज्ञापन बनाने (जैसे टेक्स्ट, इमेज या वीडियो जनरेट करने) के नियमों को अब ‘सेल्फ-सर्व ऐड टर्म्स’ का हिस्सा बना दिया गया है। यह दर्शाता है कि मेटा एआई-जनरेटेड ऐड्स को अपने मुख्य विज्ञापन इकोसिस्टम का नियमित हिस्सा मान रहा है।

यूजर्स (विज्ञापनदाताओं और बिजनेस) पर इसका क्या असर होगा?

  • नियमों में स्पष्टता: पहले एडवर्टाइजर्स को प्रोडक्ट कैटलॉग और एआई ऐड्स के लिए अलग-अलग नियम देखने पड़ते थे। अब सब कुछ एक ही जगह होने से कानूनी एग्रीमेंट्स को समझना आसान हो जाएगा।

  • AI विज्ञापनों की जिम्मेदारी: जनरेटिव एआई टूल को विज्ञापन के मुख्य नियमों में शामिल करने का मतलब है कि एआई से बने कंटेंट की सटीकता, कॉपीराइट और कम्युनिटी गाइडलाइंस के उल्लंघन की पूरी जिम्मेदारी सीधे विज्ञापनदाता की होगी। अगर एआई कोई भ्रामक (misleading) आउटपुट देता है, तो उसे पब्लिश करने से पहले जांचने का काम एडवर्टाइजर का ही होगा।

  • ऑटोमेशन टूल्स का निर्बाध इस्तेमाल: जो पब्लिशर्स या बिजनेस सोशल मीडिया ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग करके कंटेंट और कैटलॉग शेयर करते हैं, उनके लिए अब नियम ज्यादा स्ट्रीमलाइन हो जाएंगे, जिससे अकाउंट रिस्ट्रिक्शन या ऐड रिजेक्ट होने के चांस कम होंगे।

यूजर को क्या करना होगा?

  1. नियमों की समीक्षा करें: 30 अक्टूबर 2026 से पहले, मेटा के प्लेटफॉर्म या अपने एड्स मैनेजर (Ads Manager) में जाकर अपडेटेड “Meta Commercial Terms” और “Self-serve Ad Terms” को एक बार ध्यान से जरूर पढ़ लें।

  2. सहमति (Acceptance) दें: 30 अक्टूबर के बाद जब आप मेटा के विज्ञापन टूल्स (Ads tools) या बिजनेस पोर्टफोलियो का इस्तेमाल करेंगे, तो आपको इन नए नियमों को ‘Accept’ करने का प्रॉम्प्ट दिख सकता है। अपने विज्ञापन और कैटलॉग को बिना किसी रुकावट के चालू रखने के लिए आपको इन शर्तों से सहमत होना अनिवार्य होगा।

  3. AI कंटेंट की जांच: यदि आप अपने विज्ञापन अभियानों के लिए मेटा के जनरेटिव एआई टूल्स का उपयोग करते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका कंटेंट नई सेल्फ-सर्व ऐड पॉलिसी के मानकों पर खरा उतरता है। आउटपुट को लाइव करने से पहले मैनुअली जरूर चेक करें।