लोहे के TMT सरिये के दिन हुए पुराने, बाजार में आया 100 साल चलने वाला ‘नॉन-रस्टिंग’ GFRP सरिया, जानें खासियत
GFRP vs TMT Bar. दशकों से घर, पुल और इमारतें बनाने के लिए लोहे के टीएमटी (Thermo-Mechanically Treated) सरिये का ही इस्तेमाल होता आ रहा है। लेकिन, अब इसके दिन लदते नजर आ रहे हैं। कंस्ट्रक्शन उद्योग में एक ऐसा नया उत्पाद आ गया है जो टीएमटी बार की सबसे बड़ी कमजोरी— ‘जंग’ (Rust) को जड़ से खत्म कर देता है। इस नए और आधुनिक विकल्प का नाम है GFRP (Glass Fiber Reinforced Polymer) रीबार।
भारतीय मानक ब्यूरो (IS 18256:2023) और इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) से मान्यता मिलने के बाद, अब NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) से लेकर आम बिल्डर्स तक, हर कोई टीएमटी की जगह GFRP सरिये को तवज्जो दे रहा है।
क्या है GFRP सरिया और टीएमटी बार से कैसे है अलग?
टीएमटी बार लोहे से बनता है, जो समय के साथ नमी, पानी और रसायनों के संपर्क में आकर जंग खा जाता है। इससे कंक्रीट में दरारें आती हैं और ढांचा कमजोर हो जाता है। इसके उलट, GFRP सरिया लोहे से नहीं, बल्कि कांच के रेशों (Glass Fibers) और पॉलीमर रेजिन को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें धातु (Metal) का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता, इसलिए इसमें जंग लगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
नया उत्पाद TMT बार से कितना बेहतर है?
GFRP सरिया कीमत, ताकत और उम्र के लिहाज से टीएमटी बार से कई मायनों में श्रेष्ठ है। यहाँ दोनों के बीच के प्रमुख अंतर और GFRP के फायदे दिए गए हैं:
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1. जंगरोधी (100% Corrosion-Free): टीएमटी सरिया तटीय इलाकों, पानी की टंकियों या नमी वाली जगह पर जल्दी जंग खा जाता है। GFRP पूरी तरह से नॉन-मैटेलिक है, इसलिए पानी या सीलन में भी इसमें कभी जंग नहीं लगती। छत के प्लास्टर झड़ने का मुख्य कारण सरिये का जंग खाना ही होता है, जो GFRP के उपयोग से खत्म हो जाता है।
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2. बेजोड़ ताकत (Tensile Strength): टीएमटी सरिये (Fe 500) की क्षमता 500-600 MPa तक होती है। वहीं, GFRP सरिये की ताकत इससे लगभग दोगुनी (1000 से 1200 MPa तक) होती है, जो इसे भारी लोड सहने में ज्यादा सक्षम बनाती है।
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3. वजन में 75% हल्का: GFRP सरिया लोहे के टीएमटी सरिये से लगभग 75% हल्का होता है। टीएमटी के जिस बंडल को उठाने के लिए 4 मजदूरों की जरूरत पड़ती है, GFRP के उसी बंडल को एक मजदूर आसानी से उठा सकता है। इससे ट्रांसपोर्टेशन और लेबर का खर्च काफी बच जाता है।
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4. लंबी उम्र (Life Span): टीएमटी सरिया से बनी इमारतें 40 से 50 साल तक सुरक्षित रहती हैं। तटीय क्षेत्रों में यह मियाद और कम (20-30 साल) हो जाती है। वहीं, जंग न लगने के कारण GFRP सरिया 100 से अधिक सालों तक ढांचे को मजबूत बनाए रखता है।
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5. नॉन-मैग्नेटिक और सुरक्षित: लोहे का सरिया बिजली का सुचालक होता है, जबकि GFRP नॉन-कंडक्टिव और नॉन-मैग्नेटिक है। इसलिए, MRI रूम्स, रडार स्टेशन, पावर सबस्टेशन और मोबाइल टावर वाली इमारतों में इसका इस्तेमाल सबसे सुरक्षित माना जाता है।
कीमत का गणित: क्या यह टीएमटी से सस्ता है?
अगर केवल शुरुआती खरीद की बात करें, तो GFRP सरिये की कीमत टीएमटी के मुकाबले लगभग 10-20% अधिक हो सकती है। लेकिन अगर पूरे प्रोजेक्ट की लागत (Lifecycle Cost) जोड़ें, तो GFRP सस्ता पड़ता है। इसके हल्के होने से ट्रांसपोर्ट और लेबर का खर्च घटता है, काम तेजी से होता है और भविष्य में जंगरोधी मरम्मत (Maintenance) का खर्च जीरो हो जाता है।
कुछ सावधानियां या GFRP की सीमाएं
इतनी खूबियां होने के बावजूद GFRP की अपनी कुछ सीमाएं हैं। टीएमटी सरिये को कंस्ट्रक्शन साइट पर हथौड़े या मशीन से मनचाहे आकार में मोड़ा जा सकता है। लेकिन GFRP को साइट पर गर्म करके या दबाकर नहीं मोड़ा जा सकता। इसलिए, इसके छल्ले (Rings/Stirrups) और मोड़े हुए हिस्से सीधे फैक्ट्री से ही डिजाइन करवाकर (BBS के अनुसार) मंगाने पड़ते हैं।
पुलों, समुद्री किनारों, पानी की टंकियों, बेसमेंट और घरों की छत के लिए GFRP सरिया आज के समय में टीएमटी बार का सबसे बेहतरीन और टिकाऊ विकल्प बनकर उभरा है। वह दिन दूर नहीं जब यह लोहे के सरिये को पूरी तरह से रिप्लेस कर देगा।

