महिलाओं के खातों में पहुंचे ₹632 करोड़: महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त, दुर्ग को मिले 218 करोड़

Mahtari Vandan Yojana. छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के स्वावलंबन और सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘महतारी वंदन योजना’ की 32वीं किस्त जारी की। इस योजना के तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई।

अकेले दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 माताओं और बहनों को इस किस्त के तहत 37 करोड़ 19 लाख रुपये का सीधा लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि महिलाओं को पारिवारिक और सामाजिक निर्णयों में भागीदारी के लिए आत्मनिर्भर बनाने का एक मजबूत आधार है। योजना की शुरुआत (1 मार्च 2024) से लेकर अब तक महिलाओं को 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

दुर्ग को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

महिलाओं के बैंक खातों में राशि अंतरित करने के साथ ही, मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के समग्र विकास को गति देने के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 1.22 करोड़ रुपये की लागत से आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण और 217.25 करोड़ रुपये के 23 नए निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

दुर्ग जिले में शुरू होने वाले प्रमुख विकास कार्यों का विवरण इस प्रकार है:

  • सड़क एवं कनेक्टिविटी: पुलगांव पुल से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच मार्ग (5 किमी) को 30.20 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया जाएगा। कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग (24.06 करोड़) और भिलाई-सिरसा-औंधी-मोतीपुर मार्ग (15.03 करोड़) का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण होगा।

  • शिक्षा और कौशल विकास: दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं के लिए 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण होगा। शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में 8.86 करोड़ रुपये से विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे।

  • स्वास्थ्य एवं चिकित्सा: मेडिकल कॉलेज दुर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 16.16 करोड़ रुपये से नए छात्रावास का निर्माण होगा। वहीं, जिला चिकित्सालय में 11.96 करोड़ रुपये से शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा।

  • सिंचाई एवं जल संरक्षण: पाटन, अहिवारा और दुर्ग ग्रामीण क्षेत्रों में सुरपा, मोहंदी, कपसदा, तिरगा और रिसाली-उमरपोटी जैसे कई जलाशयों के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी।

  • विद्युत अधोसंरचना: पाटन विधानसभा क्षेत्र में 25.83 करोड़ रुपये की लागत से नया 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) और 14 करोड़ रुपये से 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी।

सुशासन और विकास के इसी विजन के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के मॉडल पर काम कर रही है। जब प्रदेश की महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और गांव-शहर आधुनिक सुविधाओं से जुड़ेंगे, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप एक ‘सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण संभव होगा।