चोरी भी खुद की, शिकायत भी खुद की! पुलिस ने खोली पोल तो फिल्मी कहानी का हीरो निकला विलेन

Man Reports Own Theft. कहानी में ट्विस्ट ऐसा कि बॉलीवुड के स्क्रिप्ट राइटर भी माथा पकड़ लें! घर से लाखों के जेवर गायब हुए, तो साहब सीधे थाने पहुंच गए। शिकायत दर्ज कराई, चोरी की कहानी सुनाई और पुलिस से चोर को पकड़ने की गुहार भी लगा दी। लेकिन जनाब शायद भूल गए थे कि पुलिस की जांच में कभी-कभी कहानी का हीरो ही विलेन निकल आता है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां चोरी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे शख्स को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।

पहले चोरी की कहानी सुनाई, फिर खुद ही फंस गए!

पुलिस के मुताबिक, ग्राम बागडोंगरी निवासी प्रदीपचंद्र गंगबेर (36) ने चारामा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 17 अक्टूबर को वह परिवार के साथ नवरात्रि कार्यक्रम देखने कांकेर गया था। रात करीब 12:30 बजे घर लौटा तो अलमारी से मां और पत्नी के सोने-चांदी के जेवर गायब मिले। जेवरों की कीमत करीब छह लाख रुपये बताई गई।

शिकायत सुनकर पुलिस ने मामला दर्ज किया और चोर की तलाश शुरू कर दी। लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आया, जब जांच की सुई शिकायतकर्ता की तरफ ही घूमने लगी। साहब जिस चोरी की रिपोर्ट लिखवाने पहुंचे थे, उसी मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध नजर आने लगी।

पुलिस ने पूछताछ की तो खुल गई पूरी पिक्चर

थाना प्रभारी सुरेश कुमार राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूछताछ शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो शिकायतकर्ता पर ही शक गहराने लगा। फिर पुलिस ने पूछताछ की, तो कथित तौर पर पूरी कहानी सामने आ गई।

पुलिस के अनुसार, प्रदीपचंद्र ने खुद ही घर के जेवर चोरी करने की बात स्वीकार की। वजह भी ऐसी बताई कि मामला सीधे ऑनलाइन जुए और निजी शौक तक जा पहुंचा। यानी जिस चोर को पकड़ने के लिए थाने में गुहार लगाई गई थी, पुलिस के मुताबिक वह कोई बाहर का शख्स नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता खुद ही निकला।

घर के गहने गायब, लेकिन राज घर के अंदर ही छिपा था!

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने का एक हार, एक जोड़ी झुमके, एक अंगूठी और दो लॉकेट बरामद किए। इसके अलावा चांदी के तीन करधन, पांच पायल, एक कटोरी और एक चम्मच भी जब्त किए गए। बरामद जेवरों की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है।

अब जरा कहानी का क्लाइमैक्स देखिए—पहले चोरी की शिकायत, फिर चोर की तलाश और आखिर में पुलिस के सामने खुद ही आरोपी! फर्क बस इतना था कि कहानी में चोर को बाहर ढूंढा जा रहा था, जबकि पुलिस के मुताबिक पूरा राज शिकायतकर्ता के पास ही था।

24 घंटे में खुलासा, शिकायतकर्ता ही पहुंच गया आरोपी की कुर्सी पर

पुलिस ने प्रदीप चंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामला दर्ज है।

फिलहाल, इस पूरे मामले का सबसे फिल्मी पहलू यही है कि साहब चोरी की शिकायत लेकर थाने तो पहुंचे थे चोर को पकड़वाने, लेकिन जांच ने कहानी का रुख ही पलट दिया। अब इसे किस्मत का खेल कहें या अपनी ही कहानी में फंस जाने का मामला—पुलिस की जांच में शिकायतकर्ता ही आरोपी बन गया।