‘सबसे बड़ा ऑपरेशन साइबर शील्ड’: धनबाद में बड़ा एक्शन, आधी रात 150 जवानों ने पूरा गांव किया सील
Operation Cyber Shield Pithakyari. देश में साइबर अपराध के लिए कुख्यात ‘जामताड़ा’ मॉडल अब धनबाद जिले में भी अपने पैर पसार रहा था, लेकिन पुलिस ने इसे पनपने से पहले ही बड़ा झटका दिया है। धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र के पिठाक्यारी गांव में पुलिस ने एक मेगा ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ चलाते हुए पूरे गांव की घेराबंदी कर 11 साइबर अपराधियों को दबोचा है। यह कार्रवाई इतनी बड़ी और गोपनीय थी कि स्थानीय लोगों को भनक तक नहीं लगी।
पूरे गांव को सील किया
दरअसल, पूर्व में जब भी पुलिस साइबर ठगों को पकड़ने इन इलाकों में जाती थी, तो कई बार ग्रामीणों या अपराधियों के गुर्गों द्वारा पुलिस पर हमले किए जाते थे। इस बार पुलिस कोई चूक नहीं करना चाहती थी।
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश और ग्रामीण एसपी मोहम्मद एस. याकूब के नेतृत्व में 1 अक्टूबर 2026 की देर रात (करीब 2 से 2:30 बजे) 18 से 20 पुलिस वाहनों में लगभग 150 से ज्यादा जवान पिठाक्यारी गांव पहुंचे। पुलिस की चार अलग-अलग टीमों ने गांव के सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया और पूरे इलाके को सील कर दिया। इसके बाद चुनिंदा ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। इस दौरान किसी को भी गांव से बाहर जाने या अंदर आने की इजाजत नहीं थी।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने इस छापेमारी में 11 संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के पास से पुलिस ने यह बरामद किया:
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नगदी: 2 लाख 85 हजार रुपये कैश।
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गैजेट्स: 19 महंगे स्मार्टफोन (एप्पल, वनप्लस, सैमसंग आदि)।
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दस्तावेज: 7 एटीएम/डेबिट कार्ड, बैंक पासबुक, 5 आधार कार्ड और 2 पैन कार्ड।
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सबसे अहम सुराग: पुलिस को एक ‘साइबर डायरी’ मिली है, जिसमें पूरे भारत में फैले इनके नेटवर्क, बैंक खातों और लेनदेन का पूरा ब्यौरा दर्ज है।
भारत में पहले भी गांवों को सील किया गया
भारत के इतिहास में साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए गांवों को सील करने जैसी सैन्य-स्तर की पुलिसिंग (Militarized Policing) पहले भी देखी गई है:
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नूंह (हरियाणा) का सबसे बड़ा ऑपरेशन: अप्रैल 2023 में हरियाणा पुलिस के करीब 5,000 से अधिक जवानों ने नूंह (मेवात) जिले के 14 गांवों को पूरी तरह सील कर दिया था। यहां साइबर ठगी का बहुत बड़ा नेक्सस चल रहा था। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा अपराधी पकड़े गए थे और यह भारत के इतिहास में साइबर ठगों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी मानी जाती है।
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जामताड़ा और देवघर (झारखंड): जामताड़ा और देवघर के कई गांवों (जैसे करमाटांड़ इलाके) में भी पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) ने मिलकर गांवों की घेराबंदी कर सामूहिक गिरफ्तारियां की हैं, क्योंकि वहां पुलिस टीम पर पथराव आम बात थी।
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भरतपुर और अलवर (राजस्थान): मेवात क्षेत्र से सटे राजस्थान के इन जिलों के गांवों में भी अक्सर पुलिस को भारी फोर्स के साथ ‘कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन’ (Cordon and Search Operation) चलाना पड़ता है, जिसमें गांव की सीमाओं को सील करना जरूरी होता है।
धनबाद पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब जामताड़ा से शिफ्ट होकर नए और सुरक्षित गांवों को अपना अड्डा बना रहे हैं। पिठाक्यारी गांव में की गई यह सर्जिकल स्ट्राइक साइबर क्राइम के इस उभरते नेक्सस को तोड़ने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।

