दीपावली शॉपिंग: बाजार के तमाम विकल्पों के बीच क्या कहते हैं धर्म शास्त्र, धनतेरस पर क्या खरीदना है शुभ?

Diwali Shopping Guide. दीपावली और धनतेरस आते ही बाजार तरह-तरह के उत्पादों, लुभावने ऑफर्स और गैजेट्स से सज जाते हैं। आज के समय में लोग इस मौके पर कार, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर के फर्नीचर जैसी चीजें खरीदना पसंद करते हैं। आधुनिक दौर में यह एक चलन बन गया है, लेकिन सनातन धर्म शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार, धनतेरस और दीपावली की खरीदारी का एक विशेष आध्यात्मिक और तात्विक महत्व है।

शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और स्थायी समृद्धि (मां लक्ष्मी का वास) लेकर आती हैं। आइए जानते हैं कि बाजार की इस चकाचौंध के बीच शास्त्रों के अनुसार हमें मुख्य रूप से क्या खरीदना चाहिए।

1. धातु की खरीदारी (पीतल, तांबा और चांदी)

शास्त्रों में धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने की कथा है। जब वे प्रकट हुए थे, तब उनके हाथों में पीतल का अमृत कलश था।

  • क्या खरीदें: इस दिन सोना, चांदी, पीतल या तांबे के बर्तन खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। पीतल भगवान धन्वंतरि की प्रिय धातु है, वहीं चांदी चंद्रमा का प्रतीक है जो मन को शीतलता और घर में शांति लाती है।

  • क्या न खरीदें: शास्त्रों के अनुसार, धनतेरस के दिन भूलकर भी लोहे, एल्युमिनियम, प्लास्टिक या कांच के बर्तन नहीं खरीदने चाहिए। इन्हें राहु का प्रतीक माना जाता है जो नकारात्मकता लाते हैं।

2. झाड़ू (मां लक्ष्मी का प्रतीक)

मत्स्य पुराण और अन्य शास्त्रों में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। धनतेरस के दिन नई सीकों वाली या फूल झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ होता है। मान्यता है कि नई झाड़ू घर से दरिद्रता (अलक्ष्मी) को बाहर निकालती है और सकारात्मक ऊर्जा व धन का मार्ग प्रशस्त करती है।

3. साबुत धनिया

बाजार में भले ही कितनी भी महंगी चीजें हों, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में धनतेरस के दिन साबुत धनिया खरीदने का विशेष महत्व बताया गया है। धनिया को समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। दीपावली की पूजा में इस धनिए को मां लक्ष्मी के चरणों में अर्पित किया जाता है और बाद में इसे घर के गमलों में बो दिया जाता है या तिजोरी में लाल कपड़े में बांधकर रख दिया जाता है।

4. नमक (समुद्री नमक)

वास्तु और तंत्र शास्त्र के अनुसार, धनतेरस के दिन खड़ा नमक (समुद्री नमक) खरीदना बहुत शुभ होता है। नमक में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। दीपावली के दिन इसी नमक के पानी का पोछा पूरे घर में लगाने से घर के सभी वास्तु दोष और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।

5. गोमती चक्र और पीली कौड़ियां

समुद्र मंथन के दौरान ही कौड़ियां भी उत्पन्न हुई थीं, इसलिए ये मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय हैं। धनतेरस के दिन 5 से 11 गोमती चक्र या पीली कौड़ियां खरीदकर लाएं। दीपावली की रात इनकी पूजा करने के बाद इन्हें अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। शास्त्रों में इसे धन को आकर्षित करने का अचूक उपाय बताया गया है।

6. मिट्टी के दीये और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति

दीपावली दीपों का पर्व है। शास्त्रों में पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के संतुलन का महत्व है। मिट्टी (पृथ्वी तत्व) के दीये खरीदना सबसे उत्तम है। इसी तरह, दीपावली पूजन के लिए हमेशा मिट्टी से बनी या फिर चांदी/पीतल की लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति ही खरीदनी चाहिए। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) या प्लास्टिक की मूर्तियों की पूजा का शास्त्रों में कोई विधान नहीं है।

आधुनिक समय में जरूरत के हिसाब से चीजें खरीदना गलत नहीं है, लेकिन अपनी संस्कृति और धर्म शास्त्रों की मर्यादा को बनाए रखते हुए धनतेरस के दिन इनमें से कम से कम एक या दो पारंपरिक वस्तुएं अवश्य खरीदनी चाहिए। यह न केवल हमारी आस्था को जीवित रखता है, बल्कि हमारे घर को सकारात्मक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध भी बनाता है।