दुनिया के वो देश जहां अपराधियों की रूह कंपा देते हैं कानून: कहीं सरेआम सिर कलम, तो कहीं कोड़ों की मार

Strict Laws in World. दुनिया भर में अपराधों को रोकने के लिए अलग-अलग देशों के अपने कानून और दंड संहिताएं हैं। लेकिन कुछ देशों के कानून इतने सख्त और खौफनाक हैं कि वहां अपराध करने का विचार ही इंसान की रूह कंपा देता है। जहां एक तरफ कई देशों ने मृत्युदंड को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है, वहीं कुछ देश आज भी सार्वजनिक रूप से फांसी देने या सिर कलम करने जैसी सजाएं मुकर्रर करते हैं।

सबसे ज्यादा फांसी की सजा देने वाले देश

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, फांसी की सजा देने के मामले में चीन पूरी दुनिया में सबसे आगे है। हालांकि चीन इन आंकड़ों को ‘स्टेट सीक्रेट’ मानता है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों का अनुमान है कि वहां हर साल हजारों लोगों को मौत के घाट उतारा जाता है।

चीन के बाद दूसरे नंबर पर ईरान का नाम आता है, जहां हर साल सैकड़ों लोगों को फांसी दी जाती है, जिनमें बड़ी संख्या ड्रग्स से जुड़े अपराधों की होती है। ईरान के बाद सऊदी अरब, यमन और अमेरिका का नंबर आता है।

सबसे कठोर कानून वाले देश और उनकी सजाएं

  • सऊदी अरब: शरिया कानून पर आधारित सऊदी अरब अपनी न्याय प्रणाली की सख्ती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यहां हत्या, बलात्कार, सशस्त्र डकैती और ड्रग्स तस्करी जैसे अपराधों के लिए सीधे मौत की सजा का प्रावधान है। यहां अक्सर दोषियों का सरेआम सिर कलम (Beheading) कर दिया जाता है। चोरी जैसे मामलों में हाथ काटने और अन्य अपराधों के लिए सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने की सजा भी दी जाती है।

  • सिंगापुर: यह देश अपनी साफ-सफाई और अनुशासन के साथ-साथ बेहद सख्त कानूनों के लिए मशहूर है। यहां ड्रग्स की तस्करी पर ‘अनिवार्य मृत्युदंड’ का नियम है। इसके अलावा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने (वैंडलिज्म) या वीजा अवधि समाप्त होने के बाद छिपकर रहने पर बेंत से पीटने (Caning) की सजा दी जाती है।

  • उत्तर कोरिया: इस देश को दुनिया का सबसे कड़ा और बंद देश माना जाता है। यहां छोटी-छोटी बातों (जैसे विदेशी फिल्में देखना या सरकार की आलोचना) पर भी लोगों को सजा-ए-मौत दे दी जाती है। यहां राजनीतिक बंदियों के लिए खौफनाक ‘लेबर कैंप’ हैं, जहां उनसे उम्र भर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जाता है।

  • ईरान: ईरान में भी इस्लामी कानून लागू है। यहां सार्वजनिक फांसी का चलन काफी आम है और ड्रग्स से जुड़े अपराधों में बड़े पैमाने पर सीधे मौत की सजा सुना दी जाती है।

कठोर कानून वाले देशों में अपराधों की स्थिति

सख्त कानूनों का समाज पर मिला-जुला असर देखने को मिलता है। सिंगापुर और सऊदी अरब जैसे देशों में सख्त सजाओं के खौफ के कारण अपराध दर दुनिया में बेहद कम है। इन देशों की सड़कें सुरक्षित मानी जाती हैं क्योंकि अपराधी जानते हैं कि पकड़े जाने पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।

दूसरी तरफ, ईरान जैसे देशों का उदाहरण यह बताता है कि केवल मृत्युदंड बढ़ा देने से अपराध पूरी तरह खत्म नहीं होते। भारी संख्या में मौत की सजा दिए जाने के बावजूद वहां नशीली दवाओं की तस्करी और अपराधों की समस्या लगातार बनी हुई है। उत्तर कोरिया जैसे देश में अपराध की निष्पक्ष रिपोर्टिंग नहीं होती, इसलिए वहां की असल तस्वीर राज्य के पूर्ण नियंत्रण के पीछे छिपी रहती है।

आधुनिक न्यायशास्त्र और मानवाधिकार संगठन हमेशा यह सवाल उठाते रहे हैं कि क्या केवल क्रूर सजा ही अपराधों को रोकने का अंतिम और सही उपाय है, हालांकि कई देशों में यह खौफनाक व्यवस्था आज भी कायम है।