एशियाई खेल 2026: पदम तालिका में भारत की स्थिति, किन खेलों में रचा नया इतिहास, आयोजन की खास बातें
India at Asian Games. एशियाई खेल 2026 (आइची-नागोया, जापान) में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक सहित कुल 85 पदक अपने नाम किए। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पदक तालिका में चौथा (4th) स्थान हासिल किया।
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ऐतिहासिक रिकॉर्ड और सर्वश्रेष्ठ स्थान: भारत का एशियाई खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्थान 1951 के उद्घाटन संस्करण (नई दिल्ली) में रहा था, जहाँ भारत ने 15 स्वर्ण सहित 51 पदक जीतकर दूसरा (2nd) स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा, 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों में भारत पदक तालिका में तीसरे (3rd) स्थान पर रहा था।
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जनसंख्या में छोटे, लेकिन पदक तालिका में आगे: 2026 के इन खेलों में चीन (341 पदक), जापान (269 पदक) और दक्षिण कोरिया (150 पदक) क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। जापान और दक्षिण कोरिया ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या भारत के मुकाबले काफी कम है, इसके बावजूद उत्कृष्ट खेल ढांचे के कारण वे पदक तालिका में भारत से ऊपर हैं।
2026 में पहली बार पदक जीतने वाले खेल व इवेंट्स
इस संस्करण में भारतीय एथलीटों ने कई खेलों और इवेंट्स में ऐसे पदक जीते, जिनमें देश को पहले कभी सफलता नहीं मिली थी:
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तीरंदाजी (Archery): महिलाओं की रिकर्व टीम (अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहड़) ने दिग्गज दक्षिण कोरिया को हराकर एशियाई खेलों के इतिहास में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।
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मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA): सुचिका तरियाल ने महिलाओं के 60kg वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। यह एशियाई खेलों के MMA इवेंट में भारत का अब तक का पहला और इकलौता पदक है।
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निशानेबाजी (Shooting): नीरू ढांडा ने महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में स्वर्ण जीता। यह ट्रैप या स्कीट में किसी भारतीय महिला का पहला व्यक्तिगत पदक है। इसके साथ ही, ट्रैप मिक्स्ड टीम (नीरू ढांडा और कायनन चेनाई) ने भी भारत के लिए इस इवेंट का पहला स्वर्ण सुनिश्चित किया। महिलाओं की स्कीट टीम और मिक्स्ड स्कीट टीम ने भी इतिहास में पहली बार एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किए।
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रोइंग (Rowing): मेन्स डबल स्कल्स स्पर्धा में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने कांस्य जीतकर भारत के लिए इस इवेंट में पहली बार एशियाई खेलों में पदक पक्का किया।
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एथलेटिक्स (Athletics): सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में रजत पदक जीतकर 44 साल का सूखा खत्म किया। वह विदेशी सरजमीं पर इस इवेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।

