बिहार के जमुई में नाबालिगों से दरिंदगी के बाद एक्शन में पुलिस, 3 गिरफ्तार, 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर गाज

Jamui Viral Video Case. बिहार के जमुई जिले से एक बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहां सड़क पर जा रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ असामाजिक तत्वों ने घेर लिया और उनके साथ मारपीट व छेड़छाड़ की। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में आ गए हैं। आइए जानते हैं शुरू से अब तक इस मामले में क्या हुआ और ताजा अपडेट्स क्या हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह खौफनाक घटना 19 सितंबर 2026 की शाम की है। पुलिस के मुताबिक, दो नाबालिग दोस्त (एक लड़का और एक लड़की) कोचिंग के बाद जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में तस्वीरें लेने गए थे। शाम करीब 6:25 से 7 बजे के बीच कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें घेर लिया। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि भीड़ ने नाबालिगों के साथ बदसलूकी की, लड़के के साथ मारपीट की और लड़की के साथ छेड़छाड़ की। एक आरोपी ने अपना चेहरा ढक रखा था और उसने पीछे से लड़की को पकड़कर खींचने और उठाने की कोशिश की, जबकि लड़की चीखती रही और खुद को बचाने की गुहार लगाती रही।

अब तक क्या हुआ और ताजा अपडेट क्या है?

सोमवार सुबह जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर पुलिस तक पहुंचा, तो प्रशासन ने संज्ञान लिया।

  • SIT का गठन और FIR: जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि वीडियो के आधार पर पीड़ितों की पहचान कर उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। मामले में बीएनएसएस (BNSS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

  • आरोपियों की गिरफ्तारी: वीडियो के आधार पर पुलिस ने अब तक 7 से 8 आरोपियों की पहचान की है। इनमें से तीन नाबालिग आरोपियों (जिनमें से दो की उम्र 17-18 साल है) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी, जिसने लड़की के साथ अश्लील हरकत की थी, उसकी भी पहचान कर ली गई है और पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

  • NCW का सख्त रुख: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने बिहार के डीजीपी को पत्र लिखकर सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को सुरक्षा व कानूनी सहायता मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

नाबालिग का वीडियो वायरल करने वालों पर एक्शन

इस मामले का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को धड़ल्ले से शेयर किया, जिससे नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हो गई। पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है।

  • बिहार पुलिस की एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) केएस अनुपम ने बताया कि पुलिस ने वीडियो शेयर करने वाले 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स (13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 X अकाउंट) की पहचान कर ली है और उन्हें टेकडाउन (हटाने) की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • जागरूकता संदेश: कानूनी तौर पर किसी भी नाबालिग पीड़ित की पहचान या चेहरा उजागर करना एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने साफ किया है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ POCSO एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) की धारा 74 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए, नागरिकों को ऐसे संवेदनशील और आपराधिक घटनाओं के वीडियो शेयर करने से बचना चाहिए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अत्यंत विचलित करने वाला” बताया और सभी दोषियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। वहीं, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा की है। सत्ता पक्ष (जेडीयू और बीजेपी) के नेताओं ने आश्वासन दिया है कि राज्य में ‘मॉब जस्टिस’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाएगी।

यह मामला समाज की उस विकृत मानसिकता को दर्शाता है जहां भीड़ खुद को कानून समझने लगती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई उम्मीद जगाती है, लेकिन असली न्याय तभी होगा जब सभी दोषी सलाखों के पीछे होंगे।

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