सिंगापुर दौरा: छत्तीसगढ़ में 43 हजार करोड़ के निवेश से खुलेंगे रोजगार और तरक्की के नए द्वार

Singapore Investment. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सिंगापुर दौरा छत्तीसगढ़ के विकास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। इस यात्रा के अंतिम दिन राज्य ने निवेश और कौशल विकास के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाते हुए कुल ₹43,600 करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रस्ताव हासिल किए हैं। इस भारी-भरकम निवेश का सीधा असर प्रदेश के युवाओं के रोजगार और किसानों की आमदनी पर पड़ेगा।

सिंगापुर यात्रा के दौरान राज्य सरकार ने युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण देने और किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए कई अहम समझौते किए हैं। विदेश मंत्रालय के नामांकन पर छत्तीसगढ़ ने पहली बार प्रतिष्ठित ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026’ में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।

युवाओं को मिलेगा सिंगापुर मॉडल का तकनीकी प्रशिक्षण

प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्था ‘ITE Education Services’ के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) साइन किया है। सिंगापुर में जिस तरह सिस्को (Cisco), बीवायडी (BYD) और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी दिग्गज कंपनियां ITE के साथ मिलकर युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने वाली ट्रेनिंग देती हैं, उसी मॉडल को अब छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस समझौते पर जोर देते हुए कहा, “निवेश से उद्योग आते हैं और कुशल युवा उन उद्योगों की ताकत बनते हैं। हमारी कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं को ऐसा आधुनिक प्रशिक्षण मिले कि उन्हें अपने ही राज्य में बेहतरीन करियर के अवसर प्राप्त हों।”

किसानों की उपज को मिलेगा बड़ा बाजार, ₹350 करोड़ का एग्रो हब

खेती-किसानी को उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 22 देशों में कारोबार करने वाली ‘Valency International Pte Ltd’ को छत्तीसगढ़ आमंत्रित किया गया है। यह कंपनी राज्य में ₹350 करोड़ की लागत से एक ‘इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब’ स्थापित करेगी।

इस हब में मुख्य रूप से काजू, तिल, दलहन और मूंगफली की प्रोसेसिंग की जाएगी। इससे न केवल किसानों की उपज का सही दाम और नया बाजार मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों नए रोजगार भी पैदा होंगे।

एआई (AI) और डिजिटल फाइनेंस से जुड़ेंगे प्रदेश के स्टार्टअप्स

पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ भविष्य की तकनीक पर भी सरकार का पूरा फोकस है। मुख्यमंत्री ने ‘Global Finance & Technology Network (GFTN)’ के सीईओ और उनकी टीम के साथ विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षित करना है। इसके साथ ही प्रदेश में नई टेक लैब स्थापित करने और स्थानीय स्टार्टअप्स को ग्लोबल इन्वेस्टर्स से जोड़ने की रूपरेखा भी तैयार की गई है।

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की मजबूत दावेदारी

मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात कर शहरी नियोजन, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर मंथन किया। इसके अलावा ‘सीईओ राउंडटेबल’ में TCS, SMBC, Tolaram Group और Blue Aqua जैसी 15 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने छत्तीसगढ़ की उद्योग-अनुकूल नीतियों और बेहतरीन कारोबारी माहौल को पेश किया गया। इन कंपनियों ने बैंकिंग, एग्रीबिजनेस, एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर में निवेश को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखाई है।

कौशल, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के इन ऐतिहासिक समझौतों के साथ मुख्यमंत्री श्री साय और उनका प्रतिनिधिमंडल 7 अक्टूबर को स्वदेश लौट रहा है। यह दौरा आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक तस्वीर बदलने में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा।