छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें, 8 निकायों में बनेंगे 800 करोड़ के CBG प्लांट

Chhattisgarh Urban Development. शहरों का विकास केवल सड़कों और इमारतों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, सुगम सार्वजनिक परिवहन और प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय (महानदी भवन) में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कही। मुख्यमंत्री ने शहरी विकास की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न करने की सख्त हिदायत दी है।

बैठक के प्रमुख फैसले और निर्देश:

  • 4 शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें: ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा’ के तहत प्रदेश के चार प्रमुख शहरों— रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों का संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना कार्य मार्च 2027 से पहले पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि लोगों को आधुनिक, सुविधाजनक और इको-फ्रेंडली सार्वजनिक परिवहन मिल सके।

  • अमृत मिशन की धीमी गति पर नाराजगी: मुख्यमंत्री ने ‘अमृत मिशन 2.0’ के कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए लंबित कार्यों को तत्काल ‘मिशन मोड’ में पूरा किया जाए। इसके साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया।

  • युवाओं के लिए 38 नालंदा परिसर: प्रदेश के युवाओं को आधुनिक और सुविधायुक्त अध्ययन केंद्र उपलब्ध कराने के लिए 38 नगरीय निकायों में ‘नालंदा परिसर’ (सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन) स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 31 का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिन्हें तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • 800 करोड़ से बनेंगे सीबीजी (CBG) प्लांट: सतत योजना के तहत स्वच्छ और हरित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए हर निकाय में प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के भी निर्देश दिए।

  • पीएम आवास योजना में तेजी: ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0’ की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र परिवारों को पक्के आवास के आवंटन और व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

  • आदर्श शहर समृद्धि योजना: 32 नगरीय निकायों के सुनियोजित विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान कर ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ शुरू की गई है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर को छठा स्थान

बैठक में जानकारी दी गई कि वायु प्रदूषण नियंत्रण में बेहतरीन कार्य करते हुए रायपुर नगर निगम ने ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026’ में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 189 अंकों के साथ देश में छठा स्थान हासिल किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड 46 और वार्ड 30 ने भी अपनी-अपनी श्रेणियों में स्थान बनाया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभागीय टीम को बधाई देते हुए शहरी क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण और उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व वसूली में सुधार करने और निकायों के बिजली बिलों का प्रतिमाह नियमित भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आने वाली नागरिक शिकायतों के संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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