साहब बनकर आए, निकले लुटेरे ! ओवरलोडिंग का डर दिखाकर ट्रेलर चालक को लूटा
FAKE OFFICERS ARRESTED : वर्दी हो या सरकारी पद का रौब, अगर उसकी आड़ में ही लूट होने लगे तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? छत्तीसगढ़ के कोरबा में दो आरोपियों ने खुद को माइनिंग अधिकारी बताकर एक ट्रेलर चालक को ऐसा ही झांसा दिया। पहले गाड़ी ओवरलोड होने का डर दिखाया और फिर चालक का मोबाइल और जेब में रखी नगदी लेकर मौके से फरार हो गए।
मामला उरगा थाना क्षेत्र के कुकरीचोली मेन रोड का है। जानकारी के मुताबिक, ट्रेलर चालक कोयला लोड कर गेवरा से रायगढ़ की ओर जा रहा था। इसी दौरान कुकरीचोली मेन रोड के आगे वाहन रोककर वह नीचे उतरा, तभी मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति उसके पास पहुंचे।
दोनों ने खुद को माइनिंग अधिकारी बताया और ट्रेलर ओवरलोड होने की बात कहकर चालक पर दबाव बनाया। सरकारी कार्रवाई का डर ऐसा दिखाया कि चालक उनके इरादे भांप नहीं पाया। इसके बाद आरोपी उसका मोबाइल और नगदी लेकर वहां से निकल गए।
सवाल यह है कि आखिर फर्जी अधिकारी बनकर सड़क पर वसूली और लूट करने वालों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो जाते हैं? क्या सरकारी विभागों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डराना अब अपराधियों के लिए आसान तरीका बनता जा रहा है?
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
लूट की घटना के बाद पीड़ित ने उरगा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि उरगा चौक पर दो व्यक्ति लूटा गया मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की और केसरी नन्दन वैष्णव तथा ललित कुमार चौहान को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, नगदी रकम और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 24 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पहचान का झांसा, भरोसे पर वार
इस घटना में आरोपियों ने माइनिंग अधिकारी होने का दावा कर चालक को डराया और इसी बहाने उसका सामान लूट लिया। ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सड़क पर किसी के सरकारी अधिकारी होने के दावे की पुष्टि कैसे हो और आम नागरिक खुद को ऐसी ठगी से कैसे बचाए? फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

