रायपुर से जबलपुर का सफर अब सिर्फ 3.5 घंटे में! 6-लेन हाईवे से कटेगी दूरी, जानें पूरा रूट और इंटरकनेक्टिंग हाईवे
Raipur Jabalpur 6 Lane Highway. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों और मालवाहक चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रायपुर से जबलपुर के बीच के मुख्य मार्ग (NH-30/NH-45 corridor) को 6-लेन हाई-स्पीड इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है।
इस कॉरिडोर के बनने के बाद 120 किमी/घंटा की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ सकेंगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच व्यापार और पर्यटन को अभूतपूर्व रफ्तार मिलेगी।
6-लेन हाईवे कहां-कहां से होकर गुजरेगा? (Route Alignment)
यह 6-लेन हाईवे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रमुख जिलों, व्यापारिक केंद्रों और पहाड़ी दरों (घाटी क्षेत्रों) से होकर गुजरेगा:
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छत्तीसगढ़ का हिस्सा:
रायपुर / सिमगा: रायपुर से शुरू होकर सिमगा और बेमेतरा।
कवर्धा (कबीरधाम): बेमेतरा से आगे बढ़ते हुए मैदानी इलाका पार कर कवर्धा पहुंचेगा।
चिल्पी घाट (Chilpi Ghat): छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित प्रसिद्ध और दुर्गम चिल्पी घाटी से होकर गुजरेगा (जहाँ टनल/सिक्स लेन ग्रेड अपग्रेडेशन किया जा रहा है)।
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मध्य प्रदेश का हिस्सा:
मंडला / बिछिया: चिल्पी सीमा पार करते ही मध्य प्रदेश के मंडला जिले में प्रवेश करेगा।
जबलपुर: मंडला से आगे बढ़ते हुए यह सीधे जबलपुर शहर के आउटर और नए बाइपास से कनेक्ट होगा।
कौन-कौन से हाईवे लिंक (Interconnected) होंगे?
यह 6-लेन कॉरिडोर केवल रायपुर और जबलपुर को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि देश के कई अन्य बड़े नेशनल हाईवे नेटवर्क से इंटरकनेक्ट होगा।
- NH-30 (राष्ट्रीय राजमार्ग 30): यह इस रूट का मुख्य आधार है, जो आगे चलकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दक्षिण में आंध्र प्रदेश तक जाता है।
- भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: जबलपुर पहुँचते ही यह 6-लेन हाईवे भोपाल-जबलपुर एक्सप्रेसवे से लिंक हो जाएगा। इसके ज़रिए भोपाल, सागर, दमोह और नरसिंहपुर सीधे रायपुर से जुड़ जाएंगे।
- रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130CD): रायपुर की तरफ यह हाईवे सीधे 6-लेन विशाखापट्टनम कॉरिडोर से लिंक होगा। इससे जबलपुर/एमपी के व्यापारी सीधे आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम पोर्ट (Vizag Port) तक निर्बाध पहुंच सकेंगे।
- NH-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर): जबलपुर और लखनादौन के पास यह देश के सबसे लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 से जुड़ जाएगा, जिससे नागपुर, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जाने वालों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
कहां-कहां जाने वालों काे सुविधा और कितनी बचत होगी
इस हाईवे के बनने से यात्रा के समय में भारी गिरावट आएगी। प्रमुख रूट्स का ब्योरा इस प्रकार है:
| रूट (Route) | वर्तमान समय (Current Time) | 6-लेन हाईवे के बाद समय | समय की कुल बचत |
| रायपुर से जबलपुर | लगभग 7.5 से 8 घंटे | मात्र 3.5 से 4 घंटे | ~4 घंटे की बचत |
| रायपुर से भोपाल (जबलपुर एक्सप्रेसवे के ज़रिए) | लगभग 14 से 15 घंटे | मात्र 6 से 7 घंटे | ~8 घंटे की बचत |
| कवर्धा से जबलपुर | लगभग 5 से 6 घंटे | मात्र 2 से 2.5 घंटे | ~3 घंटे की बचत |
| रायपुर से सागर / दमोह | लगभग 10 से 11 घंटे | मात्र 5 घंटे | ~5 से 6 घंटे की बचत |
आम जनता और अर्थव्यवस्था को फायदा
- चिल्पी घाट के जाम से मुक्ति: कवर्धा और मंडला के बीच चिल्पी घाटी में अक्सर भारी वाहनों के कारण लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी।
- पर्यटन को बढ़ावा: जबलपुर के भेड़ाघाट (धुंआधार), कवर्धा के भोरमदेव मंदिर, और पास के कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों के लिए आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी।
- सस्ता और तेज लॉजिस्टिक्स: रायपुर के स्टील/इंडस्ट्रियल हब और जबलपुर के रक्षा/व्यापारिक संस्थानों के बीच माल ढुलाई की लागत (Fuel & Maintenance) में 30% से अधिक की कमी आएगी।

