छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’: 2023 के चुनाव वादों का 15 अक्टूबर 2026 तक का रिपोर्ट कार्ड
Modi ki Guarantee in Chhattisgarh. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना घोषणा पत्र ‘संकल्प पत्र’ के रूप में जारी किया था, जिसे ‘मोदी की गारंटी’ (Modi ki Guarantee) का नाम दिया गया था। 3 नवंबर 2023 को जारी इस घोषणा पत्र में किसान, महिलाएं, युवा और आदिवासियों को केंद्र में रखकर कई बड़े वादे किए गए थे। आज, 15 अक्टूबर 2026 की स्थिति में सरकार को लगभग तीन साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे में इन वादों और उनकी समयसीमा का वर्तमान विस्तृत हाल नीचे दिया गया है:
‘मोदी की गारंटी’ के प्रमुख वादे और तय समयसीमा
बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में कुछ वादों के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की थी, जबकि अन्य वादे 5 साल के कार्यकाल के लिए थे:
-
धान खरीदी: 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी (कृषक उन्नति योजना)।
-
महतारी वंदन योजना: प्रदेश की हर विवाहित महिला को प्रति वर्ष 12,000 रुपये (1000 रुपये प्रतिमाह) की आर्थिक सहायता।
-
पीएम आवास योजना: 18 लाख लंबित प्रधानमंत्री आवास बनाए जाएंगे। इसके लिए पहली कैबिनेट बैठक में ही बजट आवंटन का वादा किया गया था।
-
सरकारी नौकरी: 1 लाख रिक्त सरकारी पदों को 2 साल के भीतर समयबद्ध तरीके से भरा जाएगा।
-
गैस सिलेंडर: गरीब परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर देना।
-
तेंदूपत्ता संग्रहण: 5500 रुपये प्रति मानक बोरा के हिसाब से खरीदी और 4500 रुपये का अतिरिक्त बोनस।
-
भूमिहीन मजदूर: दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की सहायता।
-
हर घर जल: 2 साल के अंदर हर घर में निर्मल जल (पीने का पानी) पहुंचाने का वादा।
-
रामलला दर्शन: छत्तीसगढ़ वासियों को सरकारी खर्च पर अयोध्या ले जाकर श्रीरामलला के दर्शन कराना।
15 अक्टूबर 2026 तक वादों की वर्तमान स्थिति
-
धान खरीदी और कृषक उन्नति योजना (पूरा हुआ): सरकार बनने के बाद पहले ही सीजन (खरीफ विपणन वर्ष 2023-24) से सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदी शुरू कर दी। समर्थन मूल्य और 3100 रुपये के बीच की अंतर राशि (बोनस) का भुगतान भी किसानों के खातों में एकमुश्त किया जा चुका है। 2024-25 और 2025-26 के सीजन में भी यह प्रक्रिया जारी है।
-
महतारी वंदन योजना (पूरा और निरंतर जारी): यह योजना मार्च 2024 में आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दी गई थी। तब से राज्य की लगभग 70 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से हर महीने की शुरुआत में 1000 रुपये भेजे जा रहे हैं।
-
18 लाख पीएम आवास (प्रगति पर): विष्णुदेव साय सरकार ने दिसंबर 2023 में अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख पीएम आवास के लिए मंजूरी दे दी थी। तय समयसीमा (पहली कैबिनेट) का पालन किया गया। वर्तमान में पंचायत स्तर पर आवासों का निर्माण और किस्तों का आवंटन कार्य प्रगति पर है।
-
तेंदूपत्ता खरीदी दर (पूरा हुआ): तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए खरीदी दर 4000 रुपये से बढ़ाकर वादे के अनुसार 5500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है।
-
श्रीरामलला दर्शन योजना (लागू): यह योजना शुरू हो चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं को लेकर आस्था स्पेशल ट्रेनें अयोध्या भेजी जा रही हैं।
-
1 लाख पदों पर सरकारी भर्ती (आंशिक पूरा/प्रक्रियाधीन): घोषणा पत्र में 2 साल के भीतर 1 लाख पद भरने का वादा था। 2026 के अंत तक यह समयसीमा पूरी हो रही है। सरकार ने पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में कई भर्तियां निकाली हैं, लेकिन 1 लाख के लक्ष्य तक पहुंचने की गति को लेकर युवा और विपक्ष लगातार सवाल उठाते रहे हैं। कुछ भर्तियां कानूनी पचड़ों और आरक्षण रोस्टर के चलते धीमी रही हैं।
-
500 रुपये में गैस सिलेंडर (लागू): सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान इसे लागू किया, लेकिन यह लाभ मुख्य रूप से बीपीएल और उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाओं तक ही सीमित रखा गया है।
-
भूमिहीन मजदूरों को 10,000 रुपये सालाना: इस वादे (दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना) के क्रियान्वयन की गति धान और महतारी वंदन योजना जितनी तेज नहीं रही है।
-
2 साल में हर घर जल (प्रगति पर/लक्षित समयसीमा पार): जल जीवन मिशन के तहत काम चल रहा है, लेकिन 2 साल के भीतर प्रदेश के शत-प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य अभी पूरी तरह से हासिल नहीं हुआ है। सुदूर वनांचलों में काम की गति धीमी है।
कुल मिलाकर, बीजेपी सरकार ने अपने बड़े और ‘पॉपुलिस्ट’ वादे (धान खरीदी, महतारी वंदन, आवास) सरकार बनते ही प्राथमिक स्तर पर पूरे कर दिए हैं। वहीं, रोजगार (1 लाख भर्ती) और इंफ्रास्ट्रक्चर (हर घर जल) से जुड़े वादों पर काम जारी है।

