ध्रुव राठी: भारतीय नागरिकता, जर्मनी का सफर और सरकार से तीखे सवालों की पूरी कहानी
Dhruv Rathee. ध्रुव राठी एक प्रमुख भारतीय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जो मुख्य रूप से राजनीतिक, सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर विश्लेषणात्मक वीडियो बनाते हैं। वे जटिल राजनीतिक और आर्थिक विषयों को आम जनता के लिए सरल भाषा में समझाने के लिए जाने जाते हैं। उनके वीडियो अक्सर लाखों व्यूज बटोरते हैं और सोशल मीडिया पर व्यापक बहस का हिस्सा बनते हैं।
नागरिकता: जर्मन या भारतीय?
ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर दावे किए जाते रहे हैं कि वे जर्मन नागरिक हैं। हाल ही में अक्टूबर 2026 में दिल्ली-गुरुग्राम में पुलिस हिरासत से छूटने के बाद, राठी ने एक वीडियो जारी कर पहली बार कैमरे के सामने अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जन्म से भारतीय हैं, वर्तमान में भारतीय नागरिक हैं और हमेशा रहेंगे।
विदेश (जर्मनी) में क्यों रहते हैं?
ध्रुव राठी साल 2012 में उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए थे और तब से वहीं रह रहे हैं। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जर्मनी में 14 साल बिताने के बाद, वे 2020 में आसानी से वहां की नागरिकता ले सकते थे। हालांकि, उन्होंने अपनी भारतीय नागरिकता बनाए रखने का फैसला किया क्योंकि वे अपने देश के मुद्दों से गहराई से जुड़े रहना चाहते हैं और भारत के राजनीतिक-सामाजिक हालात पर बेबाकी से अपनी आवाज उठाना चाहते हैं।
सरकार की आंख की किरकिरी क्यों हैं?
ध्रुव राठी अपने वीडियो के माध्यम से लगातार सत्ताधारी सरकार की नीतियों, फैसलों और कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े करते हैं। उनके सरकार के आलोचक होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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संस्थाओं पर सवाल: राठी अक्सर आरोप लगाते हैं कि देश में चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मुख्यधारा की मीडिया जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर सत्ता का दबाव है और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर किया जा रहा है।
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‘अघोषित इमरजेंसी’ का दावा: हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं, जहां सरकार के खिलाफ बोलने वाले नागरिकों और पत्रकारों को डराया-धमकाया जा रहा है।
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तथ्यों के साथ आलोचना: वे अक्सर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को अपने वीडियो में पेश करते हैं। उनकी भारी फैन फॉलोइंग के कारण उनके वीडियो तेजी से वायरल होते हैं, जो सरकार के नैरेटिव के समानांतर एक मजबूत विपक्षी विचार खड़ा करते हैं।
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सीधा टकराव: हाल ही में उन्होंने सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर और बेंगलुरु में हुए विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिसके बाद उनके खिलाफ गृह मंत्रालय में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

