‘एक कचोरी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’: सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहा है यह ‘आंदोलन’?

Ek Kachori Do Samosa News. पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (विशेषकर इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और व्हाट्सएप) पर एक वीडियो और नारा तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कुछ महिलाएं तख्तियां (Placards) लिए हुए विरोध प्रदर्शन कर रही हैं और जोर-जोर से नारे लगा रही हैं— “एक कचोरी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा।”

इस नारे को सुनकर कई लोगों के मन में यह सवाल उठा कि आखिर दिल्ली या देश के किसी अन्य हिस्से में महिलाओं का यह कौन सा नया आंदोलन शुरू हो गया है और उनकी मांगें क्या हैं? आइए इस पूरे किस्से की तथ्यात्मक पड़ताल करते हैं।

किसने लगाए ये नारे और क्या है यह आंदोलन?

तथ्यात्मक रूप से देखा जाए तो यह कोई गंभीर राजनीतिक, सामाजिक या महिला अधिकारों से जुड़ा वास्तविक सड़क आंदोलन (जैसे जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन) नहीं है। यह असल में कंटेंट क्रिएटर्स और आम महिलाओं द्वारा बनाया गया एक व्यंग्यात्मक (Satirical) और मजाकिया (Comic) वीडियो ट्रेंड है।

इस ‘मॉक प्रोटेस्ट’ (दिखावटी धरने) में महिलाएं अपने पतियों और घरेलू जीवन की रोजमर्रा की शिकायतों को एक धरने का रूप देकर पेश कर रही हैं।

आंदोलन किस लिए हो रहा है?

इस मजाकिया धरने का मुख्य विषय पति-पत्नी के बीच की नोकझोंक है।

  • नारे का अर्थ: ‘कचोरी’ और ‘समोसा’ यहां पतियों द्वारा किए जाने वाले उन छोटे-छोटे वादों का प्रतीक हैं, जो वे अक्सर अपनी पत्नियों से करते हैं (जैसे- शाम को ऑफिस से लौटते वक्त बाहर से कुछ खाने का लाना या घर के काम में मदद करना) लेकिन अक्सर भूल जाते हैं या मुकर जाते हैं।

  • शिकायत: “इन मर्दों का क्या भरोसा” के जरिए महिलाएं मजाकिया अंदाज में यह जता रही हैं कि पतियों के इन रोजमर्रा के वादों पर बिल्कुल भरोसा नहीं किया जा सकता।

सोशल मीडिया पर क्यों बना सनसनी?

भारतीय समाज में पति-पत्नी के रिश्तों पर आधारित कॉमेडी हमेशा से पसंद की जाती रही है। जब कुछ महिलाओं ने घरेलू शिकायतों (जैसे- पति का समय न देना, बाहर घुमाने न ले जाना, या घर के कामों में हाथ न बंटाना) को एक ‘हड़ताल’ या ‘आंदोलन’ का रूप देकर यह नारा गढ़ा, तो यह रातों-रात इंटरनेट पर छा गया।

इसे देखकर आम महिलाओं ने खुद को इससे जोड़ा (Relate किया) और इसे अपने पतियों को चिढ़ाने के लिए शेयर किया। इस ट्रेंड ने देखते ही देखते मीम (Meme) का रूप ले लिया और देश भर के अलग-अलग मोहल्लों से महिलाओं के ऐसे ही मजाकिया वीडियो सामने आने लगे।

‘एक कचोरी दो समोसा…’ का यह नारा किसी व्यवस्था या सरकार के खिलाफ आक्रोश नहीं है, बल्कि यह भागदौड़ भरी जिंदगी में हास्य (Humor) तलाशने का एक जरिया है। इसने यह भी साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया के दौर में ‘विरोध प्रदर्शन’ की शैली का इस्तेमाल सिर्फ गुस्से के लिए नहीं, बल्कि शानदार कॉमेडी और मनोरंजन के लिए भी किया जा सकता है।

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